Saudi Arabia पर मंडराया बड़ा खतरा, ईरान समर्थित संगठनों की ओर से हमले की मिली चेतावनी।

खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता सामने आई है जब 28 अगस्त 2026 को खुफिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी मिली की ईरान समर्थित इराकी गुट आने वाले कुछ घंटों में सऊदी अरब पर हमला करने की साजिश रच रहे हैं। इस ताजा चेतावनी के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के नुकसान को समय रहते रोका जा सके। पिछले कुछ समय से हूती विद्रोहियों, इराकी मिलिशिया और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC के बीच मिलकर काम करने की खबरें आ रही हैं जो लगातार आम नागरिकों, आर्थिक ठिकानों, ऊर्जा संयंत्रों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों को निशाना बनाने की फिराक में रहते हैं। इस तरह की घटनाओं से न सिर्फ क्षेत्रीय शांति खतरे में पड़ती है बल्कि वहां रहने वाले आम लोगों और काम करने वाले प्रवासियों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है।
सऊदी और इराकी अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक
इन तमाम गंभीर सुरक्षा मुद्दों से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय सऊदी सुरक्षा और सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने 27 अगस्त 2026 को बगداد का दौरा किया और अपने इराकी समकक्षों के साथ अहम बैठक की। इस अहम मुलाकात के दौरान सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने कमांडर-इन-चीफ के कार्यालय के निदेशक जनरल अब्देल अमीर अल-शम्मारी और इराकी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस के प्रमुख समेत कई बड़े अधिकारियों से सीधी बातचीत की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान और अधिक बेहतर बनाना था ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते थामा जा सके। इराकी सिक्योरिटी मीडिया सेल की ओर से यह बताया गया कि यह बातचीत रियाद में हुई पिछली वार्ताओं का ही अगला हिस्सा है जिसका मुख्य मकसद सीमावर्ती इलाकों का इस्तेमाल किसी भी तरह की तस्करी या देश विरोधी गतिविधियों के लिए पूरी तरह बंद करना है।
इराक का स्पष्ट रुख और क्षेत्रीय सुरक्षा के उपाय
इराकी संसद की सुरक्षा और रक्षा समिति के सदस्य यासर वातौत ने क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति इराक की प्रतिबद्धता को पूरी तरह दोहराया और साफ शब्दों में कहा कि उनका देश अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले के लिए लॉन्चपैड के रूप में बिल्कुल नहीं होने देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल के महीनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें जुलाई 2026 में सऊदी तेल सुविधाओं पर ड्रोन हमलों की खबरें शामिल थीं जिसके बाद संयुक्त रूप से अमेरिका और सऊदी अरब को इराक में मौजूद ईरान समर्थित गुटों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करनी पड़ी थी। हालांकि सुरक्षा तनाव बढ़ने के कारण प्रधानमंत्री अली अल-जायदी की रियाद की यात्रा पहले स्थगित कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद इराकी अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा समन्वय बनाए रखने और अनधिकृत सैन्य गतिविधियों से देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए एक स्थायी संयुक्त समिति का गठन कर दिया है।