Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का संचालन बंद, रियाद और मदीना में दिखा नुकसान.

Sushma Kumari12 September 20262 min read19 viewsSaudi
Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का संचालन बंद, रियाद और मदीना में दिखा नुकसान.

सऊदी अरब ने अपनी बेहद अहम East-West Pipeline (जिसे Petroline भी कहा जाता है) का काम अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। यह फैसला गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को हुए ड्रोन हमलों के बाद एहतियात के तौर पर लिया गया है। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि यह बुनियादी ढांचा तेल निर्यात के लिए एक मुख्य जरिया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किए बिना 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन की क्षमता प्रदान करता है। इस पाइपलाइन को Riyadh और Madinah क्षेत्रों में निशाना बनाया गया था।

10 और 11 सितंबर को सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में कई पंपिंग स्टेशनों पर भारी आग और नुकसान साफ देखा गया। शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को सऊदी विदेश मंत्रालय ने बयान दिया कि ये ड्रोन इराक की जमीन से आए थे। इस बात की पुष्टि संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकारियों ने भी की है। इसके अलावा, सऊदी सिविल डिफेंस ने 12 सितंबर 2026 को शरूराह गवर्नरट में एक अलग सुरक्षा खतरे को सफलतापूर्वक सुलझाने की बात भी साझा की। सऊदी अरामको की आपातकालीन और तकनीकी टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया ताकि सुरक्षा का जायजा लिया जा सके और प्रभावित साइटों को सुरक्षित किया जा सके।

इराक की प्रतिक्रिया और जांच

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इस पूरी घटना के बाद इराकी प्रधानमंत्री Ali Al Zaidi ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक औपचारिक जांच के आदेश दिए और हमले की जगह की पुष्टि होने के बाद एक सैन्य कमांडर को पद से हटा दिया। रियाद ने अपनी संप्रभुता और महत्वपूर्ण सुविधाओं की रक्षा करने के अपने अधिकार को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। हालांकि, इराकी प्रधानमंत्री के अनुरोध पर सऊदी सरकार ने फिलहाल किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई से परहेज किया है, ताकि बगदाद खुद इस स्थिति को संभाल सके। यमन में वैधता का समर्थन करने वाले गठबंधन ने भी इन हमलों की आधिकारिक तौर पर निंदा की है।

क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक चिंताएं

यह शटडाउन ऐसे समय में हुआ है जब पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। यमन में हुथी विद्रोहियों द्वारा लाल सागर के बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा करने जैसी खबरें भी सामने आ रही हैं। ईरान ओमान में सोमवार को खाड़ी देशों के साथ एक बैठक की तैयारी कर रहा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। इन घटनाओं के बाद से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा और सऊदी वायु रक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। फिलहाल पाइपलाइन को हुए कुल नुकसान और इसके संचालन को फिर से शुरू करने के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है।

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