सऊदी अरब में कुशल भारतीय प्रवासियों के लिए फैमिली वीजा नियम हुए आसान

सऊदी अरब में काम करने वाले कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। अब उन्हें अपने परिवार को बुलाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने एक नया फैसला लिया है, जिसके तहत अब कुशल प्रवासी अपने रोजगार वीजा के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के एंट्री वीजा की प्रक्रिया भी एक साथ (concurrently) पूरी कर सकेंगे। पहले यह नियम था कि परिवार के सदस्यों के वीजा की प्रक्रिया व्यक्ति के सऊदी अरब पहुंचने के बाद ही शुरू हो सकती थी, लेकिन अब इस बाधा को दूर कर दिया गया है।
सऊदी प्रेस एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव को आंतरिक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय ने मिलकर तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना और कागजी कार्रवाई को सरल बनाना है। इस नई नीति का सबसे ज्यादा फायदा भारतीय पेशेवरों को मिलेगा, जो सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
किन्हें मिलेगा इस सुविधा का लाभ?
इस नई व्यवस्था के तहत, परिवार के मुखिया के साथ उनके जीवनसाथी, 25 वर्ष से कम उम्र के बेटे और अविवाहित बेटियों को वीजा आवेदन का लाभ मिलेगा। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह सुविधा केवल "कुशल" और "अत्यधिक कुशल" श्रमिकों के लिए है। घरेलू कामगारों या कम वेतन वाले अनुबंध कर्मियों को इस नीति के दायरे में नहीं रखा गया है। साथ ही, यह स्पष्ट किया गया है कि माता-पिता, विवाहित बेटियों या 25 वर्ष से अधिक उम्र के बेटों के लिए यह नियम लागू नहीं होगा।
भले ही वीजा प्रक्रिया अब तेज हो गई है, लेकिन सऊदी अरब पहुंचने के बाद मौजूदा नियमों के अनुसार रेजिडेंसी परमिट (इकामा) की औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य होगा। इच्छुक आवेदक अधिक जानकारी और आवेदन के लिए अब Absher पोर्टल या संबंधित दूतावास के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
गौरतलब है कि मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब में लगभग 27.48 लाख भारतीय नागरिक रह रहे हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण पिछले कुछ समय में बड़ी संख्या में भारतीयों की वापसी हुई है, ऐसे में सऊदी सरकार का यह कदम कुशल कार्यबल को वहां बनाए रखने और उन्हें स्थिरता प्रदान करने की एक कोशिश माना जा रहा है।