Saudi Arabia S&P Rating: सऊदी अरब की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग 'A+/A-1' पर बरकरार, स्थिर आउटलुक का हुआ ऐलान

Sushma Kumari11 September 20262 min read34 viewsSaudi
Saudi Arabia S&P Rating: सऊदी अरब की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग 'A+/A-1' पर बरकरार, स्थिर आउटलुक का हुआ ऐलान

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने 11 सितंबर 2026 को सऊदी अरब की दीर्घकालिक और अल्पकालिक सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को 'A+/A-1' पर बरकरार रखा है। इस एजेंसी ने देश की मजबूत नीतिगत लचीलापन और विविधतापूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सराहना की है, जो क्षेत्रीय संघर्षों के बीच देश की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान कर रहा है।

क्षेत्रीय मोर्चे पर कई तरह की चुनौतियां बनी हुई हैं। जुलाई 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद है और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में भी शिपिंग रूट्स पर हमले हुए हैं। इन तमाम बाधाओं के बीच ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक भूमिका निभाई है, जो संघर्ष क्षेत्रों से दूर कच्चे तेल का परिवहन करने में मददगार साबित हो रही है।

ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की रणनीतिक भूमिका

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मार्च और अगस्त 2026 के बीच, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए हर दिन औसतन 6.9 मिलियन बैरल कच्चे तेल का परिवहन किया गया। यह क्षमता के करीब 7 मिलियन बैरल के बहुत पास है। यह पाइपलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में तनाव के दौरान देश के लिए एक बड़ा सुरक्षा उपाय साबित हुई है।

हालांकि, 10 सितंबर 2026 को रिपोर्ट्स में सामने आया कि विद्रोही समूहों ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमला किया और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के उत्तरी हिस्से के साथ-साथ रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा कर लिया। इन घटनाओं के कारण एशिया जाने वाले सऊदी कच्चे तेल के जहाजों को स्वेज नहर और अफ्रीका के रास्ते से गुजरना पड़ रहा है, जिससे यात्रा के समय में कम से कम दो हफ्ते की देरी हो रही है।

अर्थव्यवस्था और जीडीपी के आंकड़े

एसएंडपी का अनुमान है कि साल 2026 में सऊदी अरब की वास्तविक जीडीपी में 0.9% की गिरावट आ सकती है। इसके बाद 2027 में तेल उत्पादन बढ़ने के साथ ही अर्थव्यवस्था में जोरदार सुधार होगा और विकास दर 8.2% तक पहुंच सकती है। साल 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों में साल-दर-साल 4.8% की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसकी मुख्य वजह तेल गतिविधियों में 24.7% की भारी कमी थी।

एजेंसी का यह भी अनुमान है कि साल 2026 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.8% रहेगा। इसके अलावा, साल 2027 से 2029 के बीच औसत घाटा 3.4% रहने की उम्मीद है। देश का सकल सरकारी कर्ज साल 2029 तक बढ़कर जीडीपी का 37.2% हो सकता है, जबकि शुद्ध संपत्ति घटकर 37.3% पर आने की संभावना है।

विजन 2030 प्रोजेक्ट्स पर असर

बढ़ते राजकोषीय दबावों से निपटने के लिए सऊदी अधिकारियों और पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड द्वारा विजन 2030 के तहत चल रही परियोजनाओं की समयसीमा को फिर से व्यवस्थित किया जा रहा है। सरकार इन सभी आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए लगातार नीतिगत कदम उठा रही है जिससे देश के वित्तीय संतुलन को बनाए रखा जा सके।

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