Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में फाइनेंशियल ऑडिट में धोखाधड़ी पर सख्त सजा, 5 साल की जेल और 20 लाख रियाल जुर्माना

Nura Basta30 August 20262 min read14 viewsSaudi
Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में फाइनेंशियल ऑडिट में धोखाधड़ी पर सख्त सजा, 5 साल की जेल और 20 लाख रियाल जुर्माना

सऊदी अरब में फाइनेंशियल रिपोर्ट्स और ऑडिट को लेकर नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। अगर कोई सर्टिफाइड अकाउंटेंट बिना खुद जांच किए किसी रिपोर्ट पर साइन करता है, तो इसे अब सीधा अपराध माना जाएगा। Saudi Organization for Certified Public Accountants (SOCPA) ने इस बारे में 30 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक चेतावनी जारी की है। सरकार के इस कदम से देश में वित्तीय पारदर्शिता आएगी और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

कड़े नियमों और भारी जुर्माने का प्रावधान

Professional Accounting and Auditing Law के आर्टिकल दस के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को अधिकतम पांच साल तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके अलावा दो मिलियन सऊदी रियाल यानी 20 लाख रियाल तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सजा के तौर पर जेल और जुर्माना दोनों एक साथ भी दिए जा सकते हैं।

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अधिकारियों ने क्या कहा

SOCPA के सीईओ Dr. Ahmed Al-Mughamis ने साफ शब्दों में बताया कि ये नियम देश की वित्तीय सेहत को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। वित्तीय स्टेटमेंट का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों और निवेशकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आर्टिकल दस के तहत सिर्फ बिना जांच के साइन करना ही नहीं, बल्कि कई अन्य तरह की धोखाधड़ी पर भी रोक लगाई गई है। इसमें गलत डेटा देना, लाइसेंस के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जमा करना, जनता को भ्रमित करना, जरूरी जानकारी छुपाना, गलत बातें प्रमाणित करना और कंपनी के गुप्त राज बाहर करना शामिल है।

निरीक्षण और जांच में भारी बढ़ोतरी

सऊदी अरब में वित्तीय मामलों पर नजर रखने वाली संस्था ने अपनी जांच और निगरानी का दायरा बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। सीईओ Dr. Al-Mughamis की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच सालों में निगरानी, जांच और कंट्रोल गतिविधियों में 132% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान कुल 12,294 फील्ड और ऑफिस निरीक्षण किए गए हैं। साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले सात लोगों और संस्थाओं को गहन जांच के बाद Public Prosecution के पास भेजा जा चुका है।

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