Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, हवा में गिरे मलबे से एक व्यक्ति की मौत और कई घायल

गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के Taif प्रांत में एक बड़ा हादसा हुआ, जब हवा में एक ड्रोन को रोका गया और उसके गिरने वाले मलबे ने एक रिहायशी इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। सऊदी सिविल डिफेंस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक घटना में एक यमनी निवासी की मौत हो गई, जबकि एक सऊदी महिला और एक पाकिस्तानी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में पाकिस्तानी नागरिक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। इस हमले और मलबे के गिरने की वजह से कई इमारतों और गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया है।
क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं और कड़ी निंदा
इस खतरनाक हमले के बाद खाड़ी देशों और क्षेत्रीय नेताओं की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के नियमों का खुला उल्लंघन बताया। बहरीन ने सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा बहरीन की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है। इसके अलावा जॉर्डन और कुवैत के विदेश मंत्रालयों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सऊदी सरकार का समर्थन किया है। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने कहा कि इस तरह के हमलों के लिए कोई भी बहाना नहीं चल सकता है, और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी इस पूरी घटना पर गहरी चिंता जताई है।
हुति militia का बयान और ईरान का पक्ष
दूसरी तरफ, ईरान समर्थित हुति मिलिशिया ने पवित्र स्थलों को निशाना बनाने के आरोपों से साफ इनकार किया है। उनका दावा है कि उनके निशाने पर केवल मक्का से दूर बनी सैन्य छावनियां थीं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने चेतावनी दी है कि इस तरह के इंटरसेप्शन के दावों का इस्तेमाल करके क्षेत्र में तनाव को और नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। यह ताज़ा घटनाक्रम बुधवार, 16 सितंबर 2026 को मक्का को ड्रोन से निशाना बनाने की एक कथित कोशिश के ठीक बाद सामने आया है, हालांकि हुति संगठन ने उस कोशिश से भी इनकार किया था। खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और आम नागरिकों के बीच इस लगातार बढ़ते तनाव को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, खासकर Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य के समुद्री मार्गों पर मंडराते खतरों के कारण।