सऊदी अरब के Taif में बड़ा ड्रोन हमला, मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत और दो घायल.

सऊदी अरब के Taif Governorate में गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को एक ड्रोन को हवा में ही तबाह कर दिया गया, लेकिन इसके मलबे ने जमीन पर भारी तबाही मचा दी। इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई और दो अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। सऊदी वायु रक्षा बलों ने समय रहते सतर्कता दिखाते हुए इस आने वाले ड्रोन को आसमान में ही नष्ट कर दिया था, लेकिन इसके गिरते हुए मलबे और टूटे हुए हिस्सों ने आसपास की कई इमारतों और गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचाया। इस दुखद हादसे के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने की पुष्टि
सऊदी अरब के Civil Defense Directorate ने इस घटना और हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे की चपेट में आने से एक यमनी नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा इस हादसे में दो अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक सऊदी महिला और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। पाकिस्तानी नागरिक की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए थे और उन्होंने हालात को संभालते हुए मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया था। सऊदी प्रशासन ने इस ड्रोन हमले के पीछे यमन में सक्रिय हूती मिलिशिया का हाथ होने की बात कही है।
मक्का और जेद्दा में भी जारी किए गए थे अलर्ट
यह खतरनाक घटना ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार, 16 सितंबर 2026 को हुए एक अन्य ड्रोन हमले के प्रयास के बाद सामने आई है। उस दौरान मक्का, Taif और जेद्दा जैसे बड़े शहरों में आपातकालीन सायरन और अलर्ट जारी किए गए थे। हालांकि वायु रक्षा बलों ने उस पहले ड्रोन को भी देश के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही हवा में रोककर गिरा दिया था। उस समय मक्का शहर के लिए सुरक्षा चेतावनी को कुछ देर के लिए लागू किया गया था और स्थिति नियंत्रण में आने के बाद उसे हटा लिया गया था। इन लगातार हो रही घटनाओं की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, खासकर उन लोगों में जो इन शहरों में काम करते हैं या यात्रा करते हैं।
अधिकारियों के बयान और क्षेत्रीय तनाव
यमन में वैध सरकार की बहाली के लिए बने गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki Al-Malki ने पहले ही साफ कर दिया था कि मक्का जैसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा उनके लिए एक बड़ी लाल रेखा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि गठबंधन हूती हमलों के खिलाफ कड़े और निर्णायक कदम उठाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। दूसरी, तरफ हूती सेना के प्रवक्ता Yahya Saree ने मक्का को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनके सैन्य अभियान केवल सऊदी सैन्य अड्डों और तेल के बुनियादी ढांचे तक ही सीमित हैं। हूती मिलिशिया का दावा है कि उनके द्वारा किए जा रहे ये ड्रोन और मिसाइल हमले यमन में हो रहे सऊदी हवाई हमलों का जवाब हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच वहां रहने वाले सभी विदेशी कामगारों और प्रवासियों से अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।