सऊदी अरब में होने जा रहा है बड़ा यूरोपीय सम्मेलन, 24 अक्टूबर 2026 को रियाद में जुटेंगे सभी बड़े देश

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 24 अक्टूबर 2026 को दूसरे यूरोपीय संघ और खाड़ी सहयोग परिषद (EU-GCC) शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच राजनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करना है। इस सम्मेलन में यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के साथ-साथ जीसीसी के 6 देश यानी सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात शामिल होंगे।
शिखर सम्मेलन में कौन-कौन लेगा हिस्सा
इस बड़े आयोजन में यूरोपीय संघ की तरफ से यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष António Costa और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen भाग लेंगे। एंटोनियो कोस्टा इस कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। उनका कहना है कि दोनों क्षेत्रों का इतिहास और भविष्य आपस में जुड़ा हुआ है, इसलिए राजनीतिक बातचीत, आपसी तालमेल और क्षेत्रीय शांति तथा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना बहुत जरूरी हो गया है। इससे पहले इस तरह का पहला सम्मेलन ब्रुसेल्स में 16 अक्टूबर 2024 को आयोजित किया गया था।
व्यापार और आर्थिक आंकड़े
यूरोपीय संघ खाड़ी देशों यानी जीसीसी का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। वर्ष 2025 में दोनों गुटों के बीच कुल वस्तुओं का व्यापार €165.6 बिलियन तक पहुंच गया था। इसमें यूरोपीय संघ से €110 बिलियन का निर्यात और €55.6 बिलियन का आयात शामिल था। पिछले दस वर्षों में कुल व्यापार में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान यूरोपीय संघ द्वारा खाड़ी देशों से आयात में लगभग 54 प्रतिशत और निर्यात में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि यूरोपीय संघ द्वारा जीसीसी देशों से आयात की जाने वाली वस्तुओं में ईंधन की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से अधिक है।
सेवाओं और निवेश की स्थिति
केवल सामान ही नहीं बल्कि सेवाओं के व्यापार में भी पिछले कुछ सालों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच सेवाओं का व्यापार दोगुने से भी ज्यादा होकर 2024 में €84.4 बिलियन तक पहुंच गया। इसमें €56.2 बिलियन का यूरोपीय संघ का निर्यात और €28.2 बिलियन का आयात शामिल है। इसके अलावा निवेश के आंकड़े भी काफी बड़े हैं। साल 2024 तक जीसीसी में यूरोपीय संघ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का स्टॉक €163.1 बिलियन था, जबकि यूरोपीय संघ में जीसीसी का कुल निवेश स्टॉक €189.8 बिलियन तक पहुंच चुका था।
इन मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों की नींव साल 1989 में साइन किए गए एक सहयोग समझौते पर टिकी है। यह समझौता ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण, रिसर्च और आर्थिक मामलों जैसे तमाम जरूरी विषयों पर बातचीत का रास्ता साफ करता है। खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी इन बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों से भविष्य में रोजगार, व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलने की पूरी उम्मीद है।