Saudi Trade Surplus: सऊदी अरब का व्यापार संतुलन मजबूत, दूसरे क्वार्टर में 61.52 बिलियन रियाल का सरप्लस दर्ज

सऊदी अरब से एक बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है जहाँ देश के व्यापार संतुलन में जबरदस्त उछाल देखा गया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 13 सितंबर 2026 को जारी रिपोर्ट में बताया गया कि साल 2026 की दूसरी तिमाही यानी Q2 2026 में सऊदी अरब का ट्रेड सरप्लस 61.52 बिलियन सऊदी रियाल तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 62 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को दिखाता है जो आम नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में देश की अर्थव्यवस्था में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं जिससे व्यापार और बाजार की स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।
व्यापार संतुलन और निर्यात के आंकड़े
General Authority for Statistics (GASTAT) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल यानी 2025 की समान अवधि के मुकाबले इस बार सरप्लस में 27 बिलियन रियाल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा साल 2025 की चौथी तिमाही के मुकाबले यह 60 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि को भी दर्शाता है। इस तिमाही के दौरान देश का कुल मर्चेंडाइज निर्यात 4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 285.98 बिलियन रियाल हो गया। वहीं दूसरी तरफ आयात में 5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 224.46 बिलियन रियाल पर आ गया। गैर-तेल निर्यात की बात करें तो इसमें 6.6 प्रतिशत की कमी आई और यह कुल मिलाकर 82.6 बिलियन रियाल दर्ज किया गया जिसकी पूरी जानकारी आप GASTAT Official Source पर देख सकते हैं।
राजकोषीय स्थिति और बजट घाटा
व्यापारिक मोर्चे पर मुनाफा होने के बावजूद देश के व्यापक बजट में कुछ अलग ही तस्वीर देखने को मिली है। Q2 2026 के दौरान सऊदी सरकार का कुल राजस्व 338.7 बिलियन रियाल रहा जबकि कुल खर्च 373 बिलियन रियाल दर्ज किया गया। इसके परिणामस्वरूप सरकार को इस तिमाही में 34.3 बिलियन रियाल का बजट घाटा उठाना पड़ा है। इस वित्तीय आंकड़े की पुष्टि आधिकारिक Saudi Press Agency (SPA) द्वारा की गई है। आर्थिक मोर्चे पर अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है जहाँ तेल से होने वाले राजस्व में तिमाही आधार पर 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि तेल गतिविधियों में 24.8 प्रतिशत की भारी गिरावट के कारण कुल अर्थव्यवस्था में साल-दर-साल 4.7 प्रतिशत की सिकुड़न दर्ज की गई।
विशेषज्ञों की राय और रणनीतिक कदम
देश के आर्थिक हालातों पर बात करते हुए आर्थिक शोधकर्ता Dr. Ali Al-Hazmi ने इस तिमाही के दौरान लॉजिस्टिक्स की लचीली व्यवस्था की जमकर तारीफ की है। उन्होंने क्रेडिट और प्राइवेट सेक्टर में हुई बढ़ोतरी को देश के लिए बहुत अच्छा बताया है। इसके अलावा Saja for Energy के चेयरमैन Saad Al-Qunbar ने इस शानदार व्यापारिक प्रदर्शन का श्रेय तेल निर्यात के सुचारू प्रवाह को दिया है। उन्होंने बताया कि रणनीतिक विकल्पों जैसे ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए यान्बू पोर्ट तक तेल भेजने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल-मंदाब से जुड़े जोखिमों को कम करने में बहुत मदद मिली है जिससे व्यापार बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहा है।
| Financial Metric | Amount (SAR) | Growth / Change |
|---|---|---|
| Trade Surplus Q2 2026 | 61.52 Billion | +62% Annual Growth |
| Merchandise Exports | 285.98 Billion | +4% Increase |
| Imports | 224.46 Billion | -5% Decline |
| Non-oil Exports | 82.6 Billion | -6.6% Decrease |
| Total Revenues | 338.7 Billion | Budget Data |
| Total Expenditures | 373 Billion | Budget Data |
| Budget Deficit | 34.3 Billion | Deficit Figure |