बुरा फँसा सऊदी, हौथी लड़ाको ने एयरपोर्ट और Oil Plant दोनों पर किया हमला, समुंदरी रास्ता भी किया बंद. पाकिस्तान ने भी खड़ा किया हाथ

Lov Singh11 September 20264 min read68 viewsSaudi
बुरा फँसा सऊदी, हौथी लड़ाको ने एयरपोर्ट और Oil Plant दोनों पर किया हमला, समुंदरी रास्ता भी किया बंद. पाकिस्तान ने भी खड़ा किया हाथ

रियाद/सना: यमन के ईरान-समर्थित हौथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी शहरों पर लगातार दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। अब यह संकट केवल सीमा पर हमलों तक सीमित नहीं रहा—हौथियों ने यमन के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जे का दावा किया है, जिससे लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजरानी तथा सऊदी तेल निर्यात पर खतरा बढ़ गया है।

अबा और खमिस मुशैत में अलर्ट

सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को खमिस मुशैत और अबा के लिए आपात चेतावनी जारी की। कुछ ही देर बाद अधिकारियों ने बताया कि खतरा टल गया है, लेकिन 24 घंटे के भीतर खमिस मुशैत में यह चौथी चेतावनी थी। इससे दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में सुरक्षा चिंता और बढ़ गई है।

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हौथियों ने बुधवार को अबा, खमिस मुशैत और जिजान की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि हमलों का निशाना शहरों के साथ-साथ राष्ट्रीय संपत्तियां और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा थे।

पहले हमले में 73 लोग घायल

मंगलवार को हुए बड़े हमले में सऊदी अधिकारियों के अनुसार 73 लोग घायल हुए थे। हमलों के बाद दक्षिणी क्षेत्र में तेल प्रतिष्ठानों और उपयोगिता केंद्रों में आग लगने की खबर आई। कुछ ऊर्जा सुविधाओं का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ, हालांकि नुकसान और उत्पादन पर अंतिम आधिकारिक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।

हौथियों ने दावा किया कि उन्होंने किंग खालिद एयर बेस और तेल ढांचे को निशाना बनाया। सऊदी पक्ष ने मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए अपनी वायु रक्षा प्रणाली के इस्तेमाल की जानकारी दी, लेकिन सभी प्रोजेक्टाइल के नष्ट किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

सऊदी की जवाबी कार्रवाई

हौथी मीडिया ने दावा किया है कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के ताइज, होदेदा, मारिब और अल-जौफ प्रांतों में दर्जनों हवाई हमले किए। कुछ रिपोर्टों में हौथी-नियंत्रित इलाकों पर लगभग 40 से अधिक हमलों का दावा किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन कह चुका है कि वह सऊदी संप्रभुता, नागरिकों और राष्ट्रीय संसाधनों की रक्षा के लिए जवाब देगा। इससे सीमा पार मिसाइल हमलों और सऊदी हवाई कार्रवाई का चक्र और तेज होने की आशंका है।

मोखा पर कब्जे से बढ़ा समुद्री खतरा

यमन के पश्चिमी तट पर स्थित मोखा बंदरगाह बाब-अल-मंदेब के करीब है। हौथियों के मोखा पर कब्जे और हानिश द्वीपों की ओर बढ़ने से उन्हें लाल सागर के इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

बाब-अल-मंदेब एशिया, अरब प्रायद्वीप, अफ्रीका और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार का अहम रास्ता है। यहां तनाव बढ़ने पर जहाजों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ सकता है, बीमा और माल ढुलाई महंगी हो सकती है और तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

हौथी संगठन ने कहा है कि लाल सागर और बाब-अल-मंदेब में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी सुरक्षित है, लेकिन सऊदी जहाजों को लेकर उसने अलग चेतावनी दी है। यही वजह है कि क्षेत्रीय तनाव का असर सऊदी तेल निर्यात और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई से किया इनकार

सऊदी पर हमलों के बाद पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक दिन पहले कहा था कि सऊदी अरब पर हमले जारी रहने पर मक्का संयुक्त रक्षा समझौता सक्रिय हो सकता है।

लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बाद में स्थिति साफ करते हुए कहा कि फिलहाल हौथियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान समझौते की शर्तों के अनुसार कार्रवाई करेगा, लेकिन यह समझौता रक्षात्मक है और इसके तंत्र तथा कमांड व्यवस्था को अभी विकसित किया जाना बाकी है।

आगे क्या हो सकता है?

आने वाले दिनों में स्थिति तीन दिशाओं में जा सकती है:

  • हौथी सऊदी शहरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर और मिसाइल-ड्रोन हमले कर सकते हैं।
  • सऊदी अरब यमन में हौथी ठिकानों पर हवाई हमले बढ़ा सकता है।
  • बाब-अल-मंदेब में जहाजों पर खतरा बढ़ा तो लाल सागर का समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।

अभी तक पाकिस्तान ने सीधे युद्ध में उतरने का फैसला नहीं किया है। लेकिन यदि सऊदी के तेल ठिकानों, शहरों या सैन्य अड्डों पर बड़े और लगातार हमले होते हैं, तो मक्का रक्षा समझौता गंभीर परीक्षा में पड़ सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा खतरा सऊदी के दक्षिणी शहरों, तेल ढांचे और लाल सागर की जहाजरानी पर मंडरा रहा है।

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