Saudi Arabia: सऊदी अरब ने की ओआईसी में बड़े बदलाव की मांग, रियाद अग्निकांड में मारे गए प्रवासियों को दी गई अंतिम विदा.

Nura Basta28 August 20263 min read18 viewsSaudi
Saudi Arabia: सऊदी अरब ने की ओआईसी में बड़े बदलाव की मांग, रियाद अग्निकांड में मारे गए प्रवासियों को दी गई अंतिम विदा.

सऊदी अरब की राजधानी जेद्दा में आयोजित इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की 23वीं असाधारण बैठक में बड़ा बयान सामने आया है। सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने 27 अगस्त 2026 को संगठन की संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर सुधार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक देशों में राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक ताकत की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है कि सभी देश आपस में मिलकर काम करें। इस बैठक से जुड़ी आधिकारिक जानकारी Saudi Press Agency (SPA) के माध्यम से साझा की गई है। इस दौरान Ismail Ould Cheikh Ahmed को नया ओआईसी महासचिव चुना गया है, जिन्होंने Hissein Brahim Taha का स्थान लिया है। नए महासचिव का मुख्य ध्यान फिलिस्तीन के मुद्दों, इस्लामफोबिया को रोकने और नफरत फैलाने वाले बयानों पर लगाम लगाने पर होगा। सऊदी अरब ने फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान का समर्थन जारी रखने की बात कही और अल-अक्सा मस्जिद में हो रहे हस्तक्षेप की निंदा की।

रियाद अग्निकांड के पीड़ितों को दी गई नम आंखों से विदा

एक अन्य दुखद घटना में, रियाद के एक सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में 9 अगस्त को हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। 28 अगस्त 2026 को बांग्लादेश के नौगांव जिले के अत्राई उपजला में सात श्रमिकों का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि राजशाही जिले के बागमारा उपजला के एक अन्य पीड़ित को भी सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इन सभी पीड़ितों के शवों को 27 अगस्त को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया था, जहां से उन्हें उनके पैतृक गांवों भेजा गया। इस दुखद हादसे ने खाड़ी देशों में काम करने वाले सभी प्रवासियों और उनके परिवारों को झकझोर कर रख दिया है। विदेशों में अपनी रोजी-रोटी कमाने जाने वाले कामगारों के लिए इस तरह के हादसे बहुत बड़ा आघात साबित होते हैं।

प्रवासियों के लिए चुनाव पंजीकरण और नए कड़े नियम

दूसरी ओर, प्रशासनिक और चुनावी गतिविधियां भी तेजी से चल रही हैं। आंकड़ों के अनुसार 28 अगस्त 2026 तक कुल 450,000 बांग्लादेशी प्रवासियों ने मतदान के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें से 275,075 लोगों ने पोस्टल बैलट के जरिए वोट डालने के लिए नाम दर्ज कराया है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए नियमों का पालन करना बेहद जरूरी हो गया है। इसी कड़ी में सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने 25 अगस्त 2026 को अवैध रूप से खुद का काम करने या बिना लाइसेंस के काम करने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर कम से कम 10,000 रियाल का जुर्माना, जेल की सजा और देश से निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जो कंपनियां या मालिक ऐसे नियमों का उल्लंघन करने वालों को शरण या काम देंगे, उन पर 100,000 रियाल तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। खाड़ी में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी मजदूरों को भी इन नियमों को ध्यान में रखना चाहिए ताकि किसी भी कानूनी मुश्किल से बचा जा सके।

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