Saudi Arabia News: सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से की बड़ी मांग, हुती हमलों पर कड़ा एक्शन लेने की अपील.

Sushma Kumari11 September 20262 min read25 viewsSaudi
Saudi Arabia News: सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से की बड़ी मांग, हुती हमलों पर कड़ा एक्शन लेने की अपील.

सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह Houthi attacks के खिलाफ तुरंत और कड़े कदम उठाए। सऊदी अरब के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि Ambassador Abdulaziz Al-Wasil ने एक आपातकालीन बैठक के दौरान यह बात कही। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लगातार हो रहे इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन को बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। खासकर Red Sea और Bab Al-Mandab Strait के समुद्री रास्तों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है और पूरे इलाके की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले

राजदूत अल-वासिल ने उन आपराधिक और आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की जो Abha, Khamis Mushait, Jazan और Najran के नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए। उन्होंने जानकारी दी कि इन हमलों की वजह से अब तक कुल 73 civilians घायल हो चुके हैं, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। सऊदी सरकार आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है और इन हमलों से देश के अंदरूनी इलाकों में शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है।

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सुरक्षा परिषद से प्रस्ताव लागू करने की मांग

बैठक के दौरान अल-वासिल ने सुरक्षा परिषद से अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी को निभाने का आग्रह किया। उन्होंने चरमपंथियों के खिलाफ एक मजबूत और सख्त रुख अपनाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा परिषद के मौजूदा प्रस्तावों को पूरी तरह से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवादियों को बाहर से मिल रही मदद को तुरंत रोका जाना चाहिए, क्योंकि इसी बाहरी समर्थन के कारण यह समूह समुद्री मार्गों और क्षेत्रीय स्थिरता को लगातार निशाना बना रहा है।

आत्मरक्षा का अधिकार और यमन के लिए समर्थन

सऊदी अरब के रुख को दोहराते हुए राजदूत ने कहा कि देश के पास अपनी संप्रभुता, नागरिकों, निवासियों और राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा करने का पूरा और वैध अधिकार है। यह अधिकार उन्हें UN Charter और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मिला हुआ है। इसके अलावा उन्होंने यमन की एकता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति सऊदी अरब के समर्थन को फिर से मजबूत किया। उन्होंने एक ऐसे स्थायी और यमन के नेतृत्व वाले राजनीतिक समाधान पर जोर दिया जिससे यमन के लोगों के लिए लंबे समय तक शांति और स्थिरता बनी रह सके।

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