Saudi Arabia Warning: सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र में दी कड़ी चेतावनी, हौथी हमलों का दिया जाएगा मुंहतोड़ जवाब.

सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यह साफ कर दिया है कि वह अपने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। 10 सितंबर 2026 को हुई इस बैठक में सऊदी सरकार ने हौथी विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों पर कड़ी नाराजगी जताई। पिछले कुछ दिनों में दक्षिणी सऊदी अरब के प्रमुख शहरों को निशाना बनाकर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिससे आम जनजीवन और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ा। इस गंभीर स्थिति के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है और खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की बात कही जा रही है।
हौथी हमलों से मची तबाही और घायलों की संख्या
हौथी बलों ने 8 सितंबर 2026 से लगातार दो दिनों तक सऊदी अरब के दक्षिणी शहरों जैसे अभा (Abha), खमीस मुशायत (Khamis Mushait) और जाज़ान (Jazan) पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए। इन हमलों में मुख्य रूप से तेल सुविधाओं, आर्थिक बुनियादी ढांचे और एक सैन्य एयर बेस को निशाना बनाया गया। इन हमलों की चपेट में आने से कुल 73 लोग घायल हो गए और ऊर्जा स्थलों पर कामकाज कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। इन घटनाओं की पूरी जानकारी Saudi Press Agency (SPA) के माध्यम से सामने आई है, जिसमें हमलों की तीव्रता और नुकसान का जिक्र किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आपातकालीन बैठक
इस बढ़ते तनाव को देखते हुए बहरीन और यूनाइटेड किंगडम के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। इस सत्र के दौरान यूनाइटेड किंगडम की उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत केट फोस्टर (Kate Foster) ने हौथी हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सऊदी अरब को अपनी रक्षा करने और अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने का पूरा अधिकार है। इस संबंध में UK Government Official Speech में ब्रिटेन के रुख को स्पष्ट रूप से साझा किया गया है।
गठबंधन सेना का कड़ा रुख और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यमन में वैधता का समर्थन करने वाले सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की (Major General Turki Al-Malki) ने कहा कि गठबंधन इस मिलिशिया का पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ मुकाबला करेगा। इस बारे में अधिक जानकारी SPA Report में दी गई है। यूरोपीय संघ ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए खतरनाक करार दिया है। दूसरी ओर, हौथी सैन्य प्रवक्ता याहया सारे (Yahya Saree) ने इन हमलों को जवाबी कार्रवाई बताया और पिछले तीन दिनों में 120 से अधिक सऊदी हवाई हमलों का हवाला दिया। रेड सी के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जे और ईरान द्वारा हौथी गुट को समर्थन मिलने के आरोपों ने क्षेत्र की स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2216, 2722 और 2826 का सख्ती से पालन करने की बात कही जा रही है।