यमन के 11 प्रांतों में शिक्षा सुधार के लिए सऊदी अरब ने लागू किए 60 विकास प्रोजेक्ट और नई पहल
सऊदी अरब ने यमन के 11 प्रांतों में शिक्षा सुधार के लिए 60 प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जिसमें स्कूल और लैब का निर्माण शामिल है।

रियाद: सऊदी अरब ने यमन के शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सऊदी डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम फॉर यमन (SDRPY) ने 22 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि देश के 11 प्रांतों में 60 विकास परियोजनाएं और पहल लागू की गई हैं।
इन परियोजनाओं का लाभ तइज़, अदन, सोकोटरा, अल-महरा, मारिब, हधरामौत, हज्जा, लहाइज, अब्यान, शबवा और अल-धले प्रांतों को मिलेगा। इस मदद में सामान्य शिक्षा, उच्च शिक्षा और तकनीकी व व्यावसायिक प्रशिक्षण शामिल हैं। यह कदम यमन के 16 प्रांतों में चल रहे 300 से अधिक विकास कार्यों का हिस्सा है।
सामान्य शिक्षा के तहत 40 से ज्यादा मॉडल स्कूल बनाए गए हैं। इन स्कूलों में आधुनिक क्लासरूम, केमिस्ट्री लैब और कंप्यूटर की सुविधाएं दी गई हैं। उच्च शिक्षा की बात करें तो अदन यूनिवर्सिटी के फार्मेसी फैकल्टी में 28 आधुनिक लैब लगाई गई हैं। साथ ही इसी यूनिवर्सिटी के लॉ फैकल्टी में यमन की पहली फॉरेंसिक रिसर्च लैब बनाई गई है।
मारिब की सबा रीजन यूनिवर्सिटी में नए क्लासरूम और प्रशासनिक भवनों का काम चल रहा है। तइज़ यूनिवर्सिटी में मेडिकल, फार्मेसी और नर्सिंग फैकल्टी स्थापित करने के प्रोजेक्ट भी जारी हैं। इससे पहले जनवरी 2026 में हधरामौत और सियून यूनिवर्सिटी में आईटी कॉलेज और टेक्निकल वेटरनरी एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट के विकास की घोषणा की गई थी।
शिक्षकों को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इंटरनेशनल प्रोफेशनल टीचिंग सर्टिफिकेट्स (IPTC) प्रोजेक्ट के जरिए 200 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं डिजिटल एम्पॉवरमेंट ऑफ यमनी टीचर्स पहल के तहत 500 शिक्षकों को एआई और डिजिटल इंस्ट्रक्शनल डिजाइन का तकनीकी ज्ञान दिया गया है।
ग्रामीण इलाकों में शिक्षा पहुंचाने के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट चलाया गया है। इसके पहले चरण में 150 लड़कियों को टीचिंग डिप्लोमा के लिए तैयार किया गया और अब दूसरे चरण में 450 महिला हाई स्कूल स्नातकों को शामिल किया गया है। इन सभी कोशिशों और शिक्षा स्थिरता बढ़ाने की पहल का मकसद पूरे क्षेत्र में पढ़ाई की निरंतरता सुनिश्चित करना है।