Yemen Crisis: सऊदी समर्थित सेना ने हूती विद्रोहियों का हमला किया नाकाम, अदन के पास भीषण झड़प

बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात यानी 24 September 2026 को ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने यमन में एक बड़ा हमला बोल दिया। यह हमला Hejat al-Abd नाम के एक अहम पहाड़ी दर्रे पर किया गया, जो ताइज़ को लाहज और दक्षिणी बंदरगाह अदन से जोड़ने वाला आखिरी मुख्य सड़क मार्ग है। इस ताजा संघर्ष ने इलाके में तनाव को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है और आम लोगों की मुश्किलें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।
सऊदी समर्थित बलों ने किया कड़ा मुकाबला
सऊदी समर्थित सरकारी सेना ने इस हमले को पूरी ताकत के साथ नाकाम कर दिया। सरकारी बलों के मुताबिक, इस जवाबी कार्रवाई में दर्जनों हूती लड़ाके मारे गए और घायल हुए हैं। हालांकि, हूती गुट की तरफ से इन दावों पर अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सरकारी बलों के प्रवक्ता कर्नल Majid al-Nuzaili ने जानकारी दी कि इन हमलों का मुख्य निशाना अदन-लाहज-ताइज सड़क के आसपास की चौकियां थीं।
सरकारी सेना ने कुछ दिन पहले ही दक्षिणी ताइज़ में Mount Qarfan पर अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया था। इस सामरिक रूप से अहम पहाड़ी ऊंचाई मिलने से सेना को पश्चिमी तट की तरफ जाने वाली घाटियों पर बेहतर नजर रखने का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा, रणनीतिक तौर पर Kahboub रेंज पर भी पूरा ध्यान केंद्रित किया गया है, जहां से बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और मय्युन यानी पेरिम द्वीप साफ दिखाई देते हैं। हाल ही में हूती लड़ाकों ने मोचा और लाल सागर के तटीय इलाकों पर कब्जा कर लिया है, जिससे क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग लेन पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
मानवीय संकट और विस्थापन की मार
संयुक्त राष्ट्र यानी UN के आंकड़ों के अनुसार, इस ताजा हिंसा के दौर में अब तक 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त की शुरुआत से लेकर अब तक 674 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 3,000 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। यमन के विस्थापन प्राधिकरण ने बताया है कि देश के भीतर विस्थापित होने वाले लोगों यानी IDPs की संख्या बढ़कर लगभग 169,000 हो गई है, जिसमें ताइज़ का इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। जान बचाने के लिए हजारों लोग नावों के जरिए लाल सागर पार करके जिबूती भागने को मजबूर हुए हैं।
हूती दावे और हवाई हमले
दूसरी तरफ, हूती सूत्रों ने दावा किया है कि बुधवार को सऊदी लड़ाकू विमानों ने होदेइदाह, ताइज़, अल-बेदा, मारिब और सादा में कुल 52 हवाई हमले किए। उनका यह भी आरोप है कि मौजूदा तनाव की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 1,000 के करीब हमले किए जा चुके हैं। रियाद की तरफ से इस आंकड़े की कोई पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सीमावर्ती प्रांतों जाज़ान और नज़रान में नागरिक सुरक्षा अलर्ट जरूर जारी कर दिए गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में हूती मिसाइलों और ड्रोनों ने सऊदी अरब के अंदरूनी इलाकों तक पहुंच बनाई है, जिसमें रियाद की तरफ दागा गया एक हमला भी शामिल है।
भले ही ईरान इन हमलों में अपनी किसी भी तरह की सीधी संलिप्तता से इनकार करता रहा हो, लेकिन पश्चिमी देशों की रिपोर्टों और खाड़ी अधिकारियों ने तटीय इलाकों को मजबूत करने में हूती बलों की मदद के लिए IRGC अधिकारियों की मौजूदगी का दावा किया है। यह पूरा संघर्ष ऐसे समय में हो रहा है जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सप्ताह के दौरान राजनयिक बैठकें चल रही हैं, जहां राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के संबंध में जीसीसी और अन्य क्षेत्रीय नेताओं के साथ महत्वपूर्ण चर्चाएं की हैं।
इस बीच, अमेरिकी विमानन प्रतिबंधों की वजह से ईरान से मस्कट और कतर के लिए संचालित होने वाली तय उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। इस कदम से क्षेत्रीय यात्रा और व्यापारिक रास्तों पर और अधिक पाबंदियां लग गई हैं, जिससे वहां आने-जाने वाले लोगों और कारोबारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।