सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों की तस्वीर और वीडियो लेने पर रोक, गृह मंत्रालय की चेतावनी

रियाद: सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने 13 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली सख़्त सुरक्षा चेतावनी जारी की है। इसके तहत आम लोगों को मिसाइल और ड्रोन हमलों की तस्वीरें या वीडियो लेने, रिकॉर्ड करने और प्रकाशित करने से मना किया गया है। हमलों को रोकने के लिए की जा रही कार्रवाइयों पर भी यही रोक लागू होगी।
मंत्रालय ने कहा कि ऐसी गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं और नियम तोड़ने वालों पर बिना किसी समझौते के सख़्त कानूनी कार्रवाई होगी। इस निर्देश को नेशनल सेंटर फॉर सिक्योरिटी ऑपरेशंस का समर्थन भी मिला है।
यह आदेश क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच आया है। 10 अक्टूबर को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। 13 अक्टूबर को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद के उत्तरी इलाके को निशाना बनाने वाले तीन ड्रोन रोके और नष्ट किए।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मालिकी ने ड्रोन रोके जाने की पुष्टि की। मीडिया मंत्री सलमान अल दोसरी ने देश की सुरक्षा के प्रति सऊदी अरब की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेशी सरकारों ने भी अपनी सलाह बदली है। अमेरिकी मिशन ने लेवल 3 यात्रा सलाह जारी कर नागरिकों से सऊदी अरब की यात्रा पर पुनर्विचार करने को कहा है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने और चल रही घटनाओं से जुड़े वीडियो व पुष्टि न हुई खबरें साझा या दोबारा पोस्ट न करने को कहा है। ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय ने भी अपनी यात्रा सलाह अपडेट करते हुए सऊदी अरब के कई इलाकों में जरूरी यात्रा के अलावा सभी यात्राओं से बचने को कहा है।
इसी बीच हूती आंदोलन ने सऊदी अरामको से जुड़ी सुविधाओं और रियाद के एयरपोर्ट के आसपास के ठिकानों को लेकर धमकी दी है। यह धमकी सना में एक तेल कंपनी पर सऊदी नेतृत्व वाले हमले के बाद आई है।