समुद्री सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए सऊदी अरब और ब्राजील ने साझा प्रयासों पर दिया जोर
सऊदी अरब और ब्राजील ने वैश्विक समुद्री नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया है।

अटलांटा (अमेरिका): वैश्विक समुद्री नेविगेशन के सामने आने वाली चुनौतियों और खतरों को कम करने के लिए सऊदी अरब और ब्राजील ने मिलकर काम करने की जरूरत जताई है। 31 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के अटलांटा में आयोजित जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दोनों देशों ने इस प्रतिबद्धता को दोहराया।
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा के बीच हुई इस मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है। दोनों पक्षों ने माना कि वैश्विक सप्लाई चेन की स्थिरता बनाए रखने के लिए समुद्री खतरों से निपटना अनिवार्य है।
ब्राजील के अलावा प्रिंस फैसल बिन फरहान ने उसी दिन जापान, फ्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों के साथ भी अलग-अलग मुलाकातें कीं। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य और होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन को प्रभावित करने वाली सुरक्षा चुनौतियां रहीं।
मंत्रियों ने इस बात का आकलन किया कि इन समुद्री खतरों का अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक वाणिज्य की स्थिरता पर क्या असर पड़ सकता है।