सऊदी सेंट्रल बैंक ने डिजिटल बैंकिंग धोखाधड़ी के नए तरीकों से बचने के लिए जारी की चेतावनी
सऊदी सेंट्रल बैंक ने मोबाइल वॉलेट और बैंकिंग ऐप्स के जरिए होने वाली साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

रियाद: सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) ने मोबाइल वॉलेट और बैंकिंग एप्लीकेशन के जरिए होने वाली साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। बैंक ने चेतावनी दी है कि अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नए और जटिल तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
धोखाधड़ी करने वाले लोग सोशल इंजीनियरिंग का सहारा ले रहे हैं, जिसमें फर्जी लिंक भेजना और बैंक कार्ड फ्रीज होने के झूठे अलर्ट देना शामिल है। इन तरीकों से वे पीड़ितों को डराकर उनकी निजी और जरूरी जानकारियां हासिल करने की कोशिश करते हैं।
SAMA के मुताबिक, अपराधी अक्सर व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। वे असली वित्तीय संस्थानों की तरह मैसेज भेजते हैं और लुभावने डिस्काउंट या अकाउंट में समस्या होने का झांसा देकर संवेदनशील डेटा चुरा लेते हैं।
इस खतरे से निपटने के लिए सऊदी सेंट्रल बैंक ने सख्त कदम उठाए हैं। 18 मार्च 2026 से सऊदी अरब के वित्तीय संस्थानों के लिए व्हाट्सएप जैसे थर्ड पार्टी मैसेजिंग ऐप्स के जरिए ग्राहकों से संपर्क करना बंद करना अनिवार्य कर दिया गया है। अब बैंकों को केवल अपने सुरक्षित इन-ऐप लाइव चैट या चैटबॉट्स का ही उपयोग करना होगा।
डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए नगर पालिका और आवास मंत्रालय ने नेशनल साइबर सिक्योरिटी अथॉरिटी (NCA) के साथ मिलकर 25 अक्टूबर 2026 को एक मोबाइल प्रदर्शनी शुरू की। इसका मकसद आम जनता को साइबर हमलों की पहचान करने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।
SAMA ने साफ किया है कि वह ग्राहकों की जमा राशि नहीं रखता और न ही सीधे तौर पर कोई वित्तीय लेनदेन करता है। बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे अपना पासवर्ड, पिन या वन-टाइम पासवर्ड (OTP) कभी किसी के साथ साझा न करें।
ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे बैंक से मिलने वाले किसी भी संदेश की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करें और अपने खातों के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन चालू रखें। वहीं, डिजिटल खतरों से निपटने के लिए SAMA अब अपने एंटी-फ्रॉड सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी शामिल कर रहा है।