सऊदी अरब और चीन के बीच मजबूत हुए आर्थिक रिश्ते, शंघाई में निवेश मंत्री ने दिया बड़ा बयान.

Aanya5 September 20263 min read29 viewsSaudi
सऊदी अरब और चीन के बीच मजबूत हुए आर्थिक रिश्ते, शंघाई में निवेश मंत्री ने दिया बड़ा बयान.

सऊदी अरब और चीन के बीच आर्थिक रिश्ते दिन-प्रतिदिन मजबूत होते जा रहे हैं। सऊदी निवेश मंत्रालय ने शंघाई में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान चीन के साथ अपने पुराने और मजबूत रिश्तों को दुनिया के सामने रखा। सऊदी अरब के आर्थिक मामलों और निवेश अध्ययन के उप मंत्री Dr. Saad Alshahrani ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और चीन को देश का बहुत खास और जरूरी रणनीतिक साझीदार बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देश मिलकर औद्योगिक क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और ज्यादा बढ़ाएंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब और चीन के बीच पूंजी बाजार के जरिए आपसी सहयोग को मजबूत करना था ताकि दोनों देशों का भविष्य सुरक्षित और जुड़ा हुआ रह सके। इस पूरी जानकारी की पुष्टि Saudi Press Agency (SPA) की आधिकारिक रिपोर्ट से होती है, जिसमें दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते हुए व्यापारिक और आर्थिक संबंधों पर खुलकर बात की गई है।

चीन की कंपनियों को सऊदी में निवेश करने का खुला न्योता

शंघाई में हुए इस आयोजन के दौरान सऊदी अधिकारियों ने चीन की सभी बड़ी और छोटी कंपनियों को सऊदी अरब आने और वहां कारोबार करने का खुला न्योता दिया। मंत्री ने खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग यानी सामान बनाने वाले उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, आधुनिक टेक्नोलॉजी और अन्य नए उभरते हुए सेक्टरों में काम करने की बात कही। सऊदी सरकार का मुख्य ध्यान ऐसी जगहों पर पैसा लगाने पर है जिससे देश में तकनीक तेजी से आए, नए युवाओं को नौकरी मिलने में आसानी हो और पूरी दुनिया में सामान भेजने की क्षमता में सुधार हो। सऊदी विजन 2030 के नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत पिछले दस सालों में देश के अंदर होने वाला कुल घरेलू निवेश और बाहर से आने वाला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI दोगुना हो चुका है। तेल के अलावा दूसरे क्षेत्रों में होने वाला घरेलू निवेश अब कुल गैर-तेल GDP का लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गया है जो अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। इस शानदार उपलब्धि के साथ सऊदी अरब दुनिया के बड़े देशों के समूह G20 में चीन के बाद दूसरे स्थान पर आता है।

विदेशी कंपनियों की संख्या में हुई भारी बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में सऊदी अरब की धरती पर काम करने वाली विदेशी कंपनियों की संख्या में लगभग दस गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। नेशनल इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी के तहत लगातार हर साल तय किए गए लक्ष्यों से ज्यादा काम हो रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा सऊदी बाजार पर और ज्यादा बढ़ गया है। इस महत्वपूर्ण मंच पर सऊदी अरब के कई और बड़े नाम भी शामिल हुए, जिनमें चीन में सऊदी अरब के राजदूत Abdulrahman Al-Harbi, सऊदी एक्सचेंज के सीईओ Mohammed Al-Rumaih और सऊदी तदवुल ग्रुप के सीईओ Eng. Khalid Al Hussan के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा शंघाई स्टॉक एक्सचेंज के उपाध्यक्ष HUO Ruirong ने भी मंच पर अपनी बात रखी। उन्होंने सितंबर 2023 में शंघाई स्टॉक एक्सचेंज और सऊदी तदवुल ग्रुप के बीच हुए समझौते के बाद से अब तक हुई प्रगति की जमकर तारीफ की और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग में काफी ज्यादा तेजी आई है। इस पूरे कार्यक्रम का समापन September 4, 2026 को एक विशेष कॉर्पोरेट एक्सेस प्रोग्राम के साथ हुआ, जिसे HSBC बैंक के साथ मिलकर आयोजित किया गया था। इस तरह की साझेदारियों से उन सभी प्रवासी कामगारों और व्यापारियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है जो इन देशों में रहकर अपने रोजगार और व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं।

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