सऊदी अरब और चीन के बीच व्यापार ने पकड़ा जोर, 2025 तक 115 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद

सऊदी अरब और चीन लगातार अपने आर्थिक रिश्तों को और मजबूत कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार का आंकड़ा साल 2025 के अंत तक 115 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। Akhbar24 की रिपोर्ट के अनुसार, यह मील का पत्थर दोनों वैश्विक ताकतों के बीच गहरे होते व्यापारिक संबंधों को साफ तौर पर दिखाता है। इस व्यापारिक रिश्ते से दोनों देशों के बाजारों में काफी बदलाव आ रहा है।
चीन का सऊदी अरब में बड़ा निवेश
व्यापार के आंकड़ों के अलावा, सऊदी अरब के भीतर चीनी निवेश का कुल बैलेंस 40 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। ये वित्तीय प्रतिबद्धताएं इस बात को बताती हैं कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को लगातार बढ़ा रहे हैं। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 105.5 अरब डॉलर रहा, जिसमें सऊदी निर्यात 47.9 अरब डॉलर और आयात 57.5 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। इसके अलावा, साल 2026 के पहले दो महीनों में व्यापार वॉल्यूम 17.7 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।
प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की तैयारी
सऊदी अरब की तरफ से निवेश मंत्रालय के आर्थिक मामलों और निवेश अध्ययन के उप मंत्री डॉ. साद अलशाहरानी ने शंघाई में आयोजित कैपिटल मार्केट्स फोरम में बताया कि चीन सऊदी अरब के लिए एक रणनीतिक निवेश पार्टनर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देश आपसी निवेश को गहरा करने, औद्योगिक साझेदारियों को मजबूत करने और साझा वैल्यू चेन बनाने पर काम कर रहे हैं। चीन की सीधी निवेश राशि सऊदी अरब में साल 2025 के अंत तक 4.26 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी। सऊदी अरब और चीन मिलकर वित्तीय सेवाओं, उद्योग, टेलीकॉम, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स जैसे कई अहम क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और ज्यादा विस्तार दे रहे हैं।