Saudi Arabia में क्षेत्रीय तनाव के बीच बड़ा खतरा, 6 गवर्नरट्स में इमरजेंसी अलर्ट जारी.

सऊदी अरब की सरकार ने देश के कई इलाकों में अचानक बढ़ते खतरे को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को सऊदी जनरल डायरेक्टरेट ऑफ सिविल डिफेंस ने देश के छह गवर्नरट्स में आपातकालीन अलर्ट जारी किया है। इस अचानक आए खतरे से आम जनता और वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कौन से इलाके हैं सबसे ज्यादा प्रभावित और क्या है ताजा स्थिति
सऊदी प्रशासन की तरफ से जिन प्रमुख क्षेत्रों के लिए यह चेतावनी जारी की गई है, उनमें जेद्दा (Jeddah), खमीस मुशायत (Khamis Mushait), यानबू (Yanbu), ताइफ (Taif), अभा (Abha) और جازان (Jazan) शामिल हैं। अधिकारियों ने आपात स्थिति से निपटने के लिए नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया, जिसके जरिए लोगों के मोबाइल और अन्य माध्यमों पर तुरंत संदेश भेजे गए। हालांकि, खतरे का असर कम होने के बाद अभा और खमीस मुशायत से ड्रोन हमले का अलर्ट हटा लिया गया है, जिससे वहां के लोगों को थोड़ी राहत मिली है।
यह पूरा मामला सीमा पार से हो रहे लगातार हमलों से जुड़ा हुआ है। इससे पहले गुरुवार, 17 सितंबर को ताइफ में एक इंटरसेप्टेड हूथी ड्रोन का मलबा गिरने से एक यमनी नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि एक सऊदी महिला और एक पाकिस्तानी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एक हफ्ते के भीतर सऊदी अरब में किसी नागरिक की मौत का यह पहला मामला सामने आया है। इसके अलावा, इटली के रक्षा मंत्री गुइदो क्रोसेट्टो ने भी पुष्टि की कि 18 सितंबर को ताइफ एयर बेस पर हुए एक हमले के दौरान उनका एक F-2000 विमान भी चपेट में आ गया, हालांकि गनीमत यह रही कि किसी भी सैन्यकर्मी को चोट नहीं आई। इससे पहले 15 सितंबर को भी सना से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद जेद्दा, यानबू, ताइफ, अभा और जिजान में अलर्ट जारी किया गया था।
प्रवासियों और आम नागरिकों के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश
सऊदी अधिकारियों ने सभी नागरिकों और वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए सख्त सुरक्षा नियम लागू किए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि लोग अपने घरों के अंदर रहें, खिड़कियों और कांच से दूर सुरक्षित कमरों में शरण लें। इसके अलावा छतों, बालकनी और खुली जगहों पर बिल्कुल न जाने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति या मदद के लिए मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत के लोग 911 पर कॉल कर सकते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए आपातकालीन नंबर 998 तय किया गया है। सिविल डिफेंस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों पर ही भरोसा करें।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने निजी तौर पर ईरान से अनुरोध किया है कि वह वैश्विक ऊर्जा मार्गों की सुरक्षा के लिए हूथी विद्रोहियों को प्रभावित करे। वहीं, संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी ने बताया कि पिछले दो हफ्तों के दौरान यमन के भीतर लगभग 112,000 लोग विस्थापित हुए हैं। इसके साथ ही, हूथी नियंत्रित मीडिया ने यह भी दावा किया कि 18 सितंबर को हज्जा प्रांत में सऊदी हवाई हमले हुए थे। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा का असर सामान्य जनजीवन और यात्रा पर पड़ सकता है।