मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्शन साइट्स की फोटोग्राफी पर सऊदी सिविल डिफेंस की सख्त चेतावनी

सऊदी अरब के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ सिविल डिफेंस ने आम जनता के लिए एक बेहद जरूरी चेतावनी जारी की है। सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि मिसाइलों और ड्रोन्स को रोकने (इंटरसेप्शन) की प्रक्रिया या उन जगहों की तस्वीरें लेना, उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना या उनसे जुड़ी कोई भी जानकारी फैलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सऊदी न्यूज़ के माध्यम से जारी इस अलर्ट में चेतावनी दी गई है कि जो भी व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
गृह मंत्रालय के समर्थन से लागू की गई यह नीति राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी संवेदनशील जानकारियों और तस्वीरों के सार्वजनिक होने से दुश्मन देशों या शत्रुतापूर्ण समूहों को मदद मिल सकती है, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। यह पाबंदी न केवल वीडियो और तस्वीरों पर, बल्कि लिखित विवरणों पर भी लागू होती है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और आपातकालीन टीमों के काम में बाधा न डालें। किसी भी सैन्य या सुरक्षा संबंधी अपडेट के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।
हूती हमलों के बाद बढ़ा सुरक्षा अलर्ट
यह सख्त निर्देश 8 अक्टूबर 2026 को हुई हवाई घटनाओं के बाद आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूती मिलिशिया ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नजरान एयरपोर्ट और खामिस मुशैत स्थित एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश की थी। इन हमलों के दौरान एक इंटरसेप्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा रियाद में एक मेडिकल क्लिनिक कॉम्प्लेक्स और एक किंडरगार्टन पर गिरा, जिससे वहां भौतिक नुकसान हुआ है।
बढ़ते खतरों के बीच, संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के प्रतिनिधि अब्दुलअजीज अल-वासिल ने 9 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि सऊदी अरब अपनी सुरक्षा करने और नागरिक उड्डयन को निरंतर हो रहे हमलों से बचाने का पूरा अधिकार रखता है।