सना एयरपोर्ट पर सऊदी गठबंधन के हवाई हमले, यमन में संघर्ष फिर भड़का

सना, यमन: शनिवार को यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने चार हवाई हमले किए। हूती समर्थित अल-मसीरा टीवी ने इसकी जानकारी दी है। हमलों में कितना नुकसान हुआ, इस पर अभी कोई साफ़ जानकारी सामने नहीं आई है। सऊदी अरब या यमन की मान्यता प्राप्त सरकार की ओर से भी इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है।
गठबंधन का कहना है कि सना का हमला उसकी एक बड़ी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा था। उसके मुताबिक़ इसी दिन पूरे यमन में 136 हूती सैन्य ठिकानों को नष्ट किया गया। इसी दौरान बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य, सादा प्रांत के कुछ गांवों, अमरान के हर्फ़ सुफ़ियान ज़िले और हज्जा प्रांत में एक दूरसंचार नेटवर्क पर भी हमले की खबरें आईं।
एक दिन पहले क्या हुआ था
हालात पिछले कुछ दिनों से लगातार बिगड़ते दिख रहे हैं। शुक्रवार को अल-मसीरा टीवी ने बताया कि सना हवाई अड्डे पर एक अलग हमले में दो कर्मचारियों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। इससे एक दिन पहले, गुरुवार को, रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो हमले हुए। सऊदी अरब के मुताबिक़ इनमें तीन सऊदी नागरिकों की जान गई, जिनमें एक एयरलाइन पायलट भी था। इन हमलों की ज़िम्मेदारी हूतियों ने ली है।
यह टकराव अचानक नहीं भड़का। जुलाई 2026 में चार साल का युद्धविराम टूट गया था, जिसके बाद से लड़ाई लगातार तेज़ होती गई है। 9 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के यमन दूत ने चेतावनी दी कि देश फिर से पूर्ण पैमाने के युद्ध की स्थिति में लौट आया है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिक ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
सबसे बड़ी चिंता आम लोगों को लेकर है। हवाई अड्डे, संचार नेटवर्क और सड़कें जैसे ढांचे बंद या क्षतिग्रस्त होते हैं तो राहत सामग्री, इलाज और आवाजाही पर सीधा असर पड़ता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों पक्ष बातचीत की ओर लौटते हैं या टकराव और बढ़ता है।