सना में सऊदी गठबंधन के तेज़ हवाई हमले, हूती बुनियादी ढांचे को बनाया निशाना

सना (यमन): राजधानी सना में 13 अक्टूबर 2026 को कई जगह धमाके सुने गए। सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन ने यमन की तेल कंपनी के अल-सबाहा केंद्रीय ईंधन स्टेशन को निशाना बनाने के लिए सैन्य अभियान शुरू किया है। सना में हवाई हमलों की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब दोनों पक्षों के बीच तनाव तेज़ी से बढ़ रहा है।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने इस 'विशेष अभियान' की शुरुआत की पुष्टि की। उन्होंने यह कार्रवाई उस समय शुरू होने की बात कही, जब कमान ने इस स्थल के आसपास रहने वाले नागरिकों के लिए तुरंत इलाका खाली करने का नोटिस जारी किया था।
हूती अधिकारियों के मुताबिक़ इससे पहले 12 अक्टूबर 2026 को सऊदी हवाई हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई और 12 लोग घायल हुए। ताज़ा हमलों के जवाब में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने रियाद और सऊदी अरामको की सुविधाओं पर 'कड़े और दर्दनाक' जवाबी हमले की चेतावनी दी।
हूती अधिकारी मोहम्मद अल-बुखैती ने कहा कि सऊदी तेल सुविधाओं और हवाई अड्डों के सभी कर्मचारी वहां से निकल जाएं, क्योंकि इन जगहों को अब 'वैध निशाना' माना जा रहा है।
यह तनाव 10 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के बाद और बढ़ा है। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान ने हालात को गंभीर बताते हुए उतनी ही गंभीर प्रतिक्रिया की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 अक्टूबर को कहा कि वह इस मामले में अमेरिकी भागीदारी पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने हूतियों के बारे में कहा कि वे "बहुत बुरा व्यवहार" कर रहे हैं। वहीं हूती नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका इस संघर्ष में उतरता है, तो उसे तुरंत जवाब मिलेगा।