सऊदी गठबंधन ने यमन के ताइज़ में किए हवाई हमले, उधर वेस्ट बैंक में तनाव और सख्त पाबंदियां लागू

Praggya Singh sabal22 September 20262 min read4 viewsYemen
सऊदी गठबंधन ने यमन के ताइज़ में किए हवाई हमले, उधर वेस्ट बैंक में तनाव और सख्त पाबंदियां लागू

यमन के ताइज़ प्रांत में 22 सितंबर 2026 को सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने जबरदस्त हवाई हमले किए। यमन की सरकारी सेना ने इस बात की जानकारी दी है कि ये हमले हूती विद्रोहियों के हथियारों के गोदामों, उनके जमावड़े और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हैं। एक तरफ जहां यमन में सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है, वहीं दूसरी तरफ वेस्ट बैंक में भी हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इजरायली सेना ने 21 सितंबर 2026 से वहां आने-जाने पर बेहद सख्त पाबंदियां लगा दी हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

वेस्ट बैंक में कड़ी सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई तेज

नेवेह तज़ू कॉलोनी के पास एक इजरायली नागरिक की मौत की घटना 20 सितंबर 2026 को सामने आई थी। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का आदेश दिया। सेना को इलाके में गश्त बढ़ाने, धड़ाधड़ गिरफ्तारियां करने और सैन्य अभियानों को और तेज करने को कहा गया। इन कड़े उपायों के तहत रामल्ला और अल-बिराह आने-जाने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके अगले दिन यानी 21 सितंबर 2026 को सेना ने तुरमुस अया के पास बने लोहे के गेट को दोनों तरफ से बंद कर दिया और गाड़ियों की जांच के लिए नबी सालेह के एंट्रेंस पर एक नई चौकी भी बना दी। इससे पहले दिन में रामल्ला के पूर्व में भी एक और चेकपॉइंट बनाया गया था।

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हिंसा और झड़पों की घटनाओं में इजाफा

इस बीच आम लोगों पर हमलों की खबरें भी लगातार आ रही हैं। 21 सितंबर 2026 को शाम करीब 6:35 बजे कुछ लोगों ने तुरमुस अया के पास एक फिलिस्तीनी गाड़ी पर हमला कर दिया और उसके ड्राइवर के साथ मारपीट की। उसी दिन रात के 8:05 बजे रामल्ला के पास फिलिस्तीनियों के घरों पर भी हमले की खबरें आईं। इन सब घटनाओं से एक दिन पहले यानी 20 सितंबर 2026 को जेरूसलम के उत्तर में जबाल सैन्य चौकी के पास नागरिक गाड़ियों पर जहरीली गैस के गोले दागने के मामले सामने आए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने संदिग्धों के लिए मौत की सजा की मांग का समर्थन किया है, जिसके तहत नए कानून के जरिए सैन्य अदालतों को इजरायली नागरिकों की हत्या के दोषी फिलिस्तीनियों को ऐसी सजा देने का अधिकार मिलता है।

सुरक्षा अभियानों का स्थानीय लोगों पर असर

यह पूरा घटनाक्रम 15 सितंबर 2026 को उम अल-शरायेत में 54 वर्षीय जियाद मोहम्मद जाबेर की मौत के बाद शुरू हुआ, जिन्हें इजरायली सैनिकों ने गोली मार दी थी। सेना का कहना था कि जाबेर ने एक सुरक्षा अभियान के दौरान सैनिक का हथियार छीनने की कोशिश की थी। स्थानीय अधिकारी और निवासी इन बढ़ती पाबंदियों के असर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि ये पाबंदियां ऐसे समय में और ज्यादा परेशान कर रही हैं जब यहूदी धर्म का पवित्र त्योहार योम किप्पुर चल रहा है, जिससे सामान्य जीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है।

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