रियाद पर मिसाइल हमलों के बाद सऊदी गठबंधन ने यमन में हूती सैन्य ठिकानों को तबाह किया
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती सुरंगों और मिसाइल लॉन्चरों पर हमले किए। रियाद पर हुए हमलों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

सना (यमन): सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान चलाए हैं। इस कार्रवाई में हूती लड़ाकों की सुरंगों, मिसाइल लॉन्चरों और सैन्य किलाबंदी को निशाना बनाया गया है। गठबंधन ने यह कदम क्षेत्रीय मिसाइल हमलों के जवाब में उठाया है।
गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अल-मलिकी ने बताया कि सऊदी अरब और यमन में नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हूती हमलों के कारण यह कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन ठिकानों पर हमले किए गए, वे वैध सैन्य लक्ष्य थे।
इस ऑपरेशन के दौरान पांच भूमिगत सुरंगों को नष्ट कर दिया गया, जिनका इस्तेमाल बैलिस्टिक मिसाइलों को रखने के लिए किया जाता था। इसके अलावा चार मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म और एक मिसाइल स्टोरेज फैसिलिटी को भी तबाह किया गया ताकि हूतियों की सप्लाई लाइन को काटा जा सके।
यमन की राजधानी सना में भी हमले किए गए, जहां दो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट हुए। बताया गया कि इनमें से एक लॉन्चर का संबंध रियाद पर हुए हालिया हमले से था।
दूसरी तरफ, यमनी सेना ने जानकारी दी कि उसने 'ऑपरेशन यमन डॉन' के तहत 24 घंटे में करीब 218 हूती लड़ाकों और फील्ड कमांडरों को ढेर कर दिया है। सेना ने कुल 753 ऑपरेशन चलाए, जिसमें 78 सैन्य वाहन और हथियार यूनिट नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं।
यह तनाव 24 और 25 अक्टूबर को हुई घटनाओं के बाद बढ़ा है। सऊदी गठबंधन ने दक्षिणी सऊदी अरब की ओर दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों और रियाद की ओर आए एक मिसाइल व दो ड्रोन को नाकाम किया था।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने चेतावनी दी है कि रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब भी एक असुरक्षित सैन्य लक्ष्य बना हुआ है। सुरक्षा की इसी खराब स्थिति के कारण 26 अक्टूबर को होने वाले फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (FII) शिखर सम्मेलन को स्थगित कर दिया गया है।
वहीं, ताइज़ शहर के पास भी भीषण लड़ाई जारी है, जहां हूती सेना यमनी सरकार के जवाबी हमलों के बीच आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।