सऊदी गठबंधन ने रियाद पर हमले के हूती दावों को बताया भ्रामक

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है, जब यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अरामको की एक फैसिलिटी को निशाना बनाने का दावा किया। हालांकि, सऊदी-नीत गठबंधन ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से भ्रामक और निराधार बताया है। गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि ये दावे केवल हूतियों द्वारा गढ़ी गई काल्पनिक जीत के अलावा कुछ नहीं हैं, जिसका उद्देश्य मोर्चों पर मिल रही हार से ध्यान भटकाना है।
क्या था हूती विद्रोहियों का दावा?
ईरान समर्थित हूती सशस्त्र समूह के सैन्य प्रवक्ता याहिया सरेया ने हाल ही में बयान जारी कर दावा किया था कि उनके संगठन ने रियाद में अरामको के ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया है। हूतियों का कहना था कि यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और इससे वहां आग लग गई। उन्होंने इस कार्रवाई को सना और अन्य हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर हुए हमलों का बदला बताया था।
सऊदी गठबंधन का कड़ा रुख
सऊदी-नीत गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इन सभी दावों का जोरदार खंडन किया। उन्होंने कहा कि हूती विद्रोही इन मनगढ़ंत कहानियों के जरिए अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। अल-मलिकी के अनुसार, विशेष रूप से ताइज़ प्रांत के मोर्चों पर हूतियों को भारी मानवी नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे जनता का ध्यान हटाने के लिए ऐसे झूठे दावे किए जा रहे हैं।
- हूतियों ने यमन में लगातार हवाई हमलों का हवाला देते हुए 'घेराबंदी के बदले घेराबंदी' की बात कही।
- दूसरी ओर, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी सना और सादा में हूती ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की है।
- चार साल पुराने संघर्ष विराम के टूटने के बाद से इस क्षेत्र में हिंसा और तनाव में लगातार इजाफा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि अरामको की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है ताकि क्षेत्रीय शांति को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।