यमन में सऊदी गठबंधन के हवाई हमले तेज़, हूती सैन्य ठिकाने निशाने पर

यमन: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपने हवाई अभियान को और तेज़ कर दिया है। गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने सामा क्षेत्र के नक़िल अल-हस्सा में हूती मिलिशिया की बैरकों को निशाना बनाकर सटीक हमले किए हैं। यह कार्रवाई उस बड़े सैन्य अभियान की कड़ी है, जिसकी शुरुआत 9 अक्टूबर 2026 को एक बड़े हमले के ऐलान से हुई थी।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने उस हमले के बाद बताया कि हूती नियंत्रित इलाकों में 136 सैन्य लक्ष्य नष्ट किए गए हैं। इससे पहले 8 अक्टूबर को गठबंधन ने सादा, हुदैदा, अल-जौफ़ और मारिब प्रांतों में 82 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही थी। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट, कमांड और कंट्रोल सेंटर, संचार व्यवस्था, हथियारों के भंडार और हूती लड़ाकों के जमावड़े के ठिकाने शामिल बताए गए हैं।
हमलों की वजह क्या है
गठबंधन का कहना है कि ताज़ा कार्रवाई हूती हमलों का जवाब है। आरोप है कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के भीतर नागरिक ढांचे को निशाना बनाया, जिनमें रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं। इन हमलों के बाद 8 अक्टूबर को गठबंधन ने जवाबी कार्रवाई का औपचारिक ऐलान किया था। गठबंधन का मकसद यमन में हूती बैलिस्टिक मिसाइल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना और सरकारी बलों को हवाई मदद देना बताया गया है।
इस बीच हूती पक्ष ने 2 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि सऊदी नेतृत्व वाले हवाई हमले सना के साथ-साथ सादा, ताइज़ और अमरान प्रांतों में भी हुए हैं। वहीं यमनी सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली के मुताबिक़ ताइज़ में हूती ठिकानों पर 27 हमले किए गए। उनके अनुसार इन हमलों में एक मिसाइल डिपो, आपूर्ति मार्ग और कई वाहन नष्ट हुए, और हूती लड़ाकों के हताहत होने के साथ उनके कई सैन्य संसाधन भी खत्म हुए।
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से जारी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन इतना साफ है कि यमन में संघर्ष एक बार फिर तेज़ी से बढ़ रहा है, और इसका असर क्षेत्र की सुरक्षा और आम लोगों की ज़िंदगी पर पड़ने की आशंका है।