सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र में हूती मिलिशिया द्वारा भेजे गए दो ड्रोनों को गठबंधन सेना ने मार गिराया
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र और अन्य शहरों में हूती मिलिशिया द्वारा भेजे गए कई ड्रोनों को मार गिराया।

रियाद: सऊदी अरब के दक्षिणी क्षेत्र को निशाना बनाने के लिए हूती मिलिशिया द्वारा भेजे गए दो ड्रोनों को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई 22 अक्टूबर 2026 को की गई, जब पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां काफी बढ़ गई थीं।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि इसी दिन रियाद और मदीना के ऊपर चार और ड्रोनों को मार गिराया गया। इसके अलावा रियाद में एक अलग ऑपरेशन के दौरान एक और ड्रोन को नष्ट किया गया। इससे पहले सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत की ओर भेजे गए चार ड्रोनों को भी खत्म करने की खबर आई थी।
दूसरी तरफ हूती मिलिशिया के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ ने रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय, दम्माम में किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, यनबू में अरामको सुविधा और अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाने वाले चार सैन्य ऑपरेशनों की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, समूह ने कुछ अन्य हमलों से इनकार किया है।
इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नागरिक लक्ष्यों पर हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। वहीं अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिक हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे को मिलने वाले खतरों के कारण गैर-जरूरी सरकारी कर्मियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब से निकालने का आदेश दिया है।
यूरोपीय संसद ने भी 22 अक्टूबर को एक प्रस्ताव पारित कर हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों की निंदा की है। संसद ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताते हुए हूती समूह को आतंकवादी घोषित करने की मांग की है।
यह तनाव 21 अक्टूबर को हुई एक दुखद घटना के बाद बढ़ा है, जहां दक्षिण-पूर्व में अरामको तेल क्षेत्र में ड्रोन का मलबा गिरने से एक फिलीपीनी और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। इस हादसे में एक पाकिस्तानी और एक भारतीय नागरिक घायल हुए थे।
यमन की सेना ने 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत पिछले 24 घंटों में 780 हमले किए हैं। सेना के मुताबिक इस कार्रवाई में 512 हूती लड़ाके मारे गए और 330 से अधिक वाहन नष्ट किए गए। इससे पहले 15 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की थी।