सऊदी अरब पर हूती मिसाइल हमला: खमीस मुशैत की ओर दागी दो मिसाइलें नष्ट होने का दावा

रियाद (सऊदी अरब): सऊदी अरब पर हूती मिसाइल हमले की नई लहर ने एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार को दावा किया कि उसने हूती विद्रोहियों की ओर से खमीस मुशैत एयरबेस की दिशा में दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने एक्स पर लिखा कि ये मिसाइलें "आतंकी हूती मिलिशिया" ने छोड़ी थीं।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सऊदी अरब पर हाल के दिनों में लगातार हमले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। कुछ दिन पहले देश के हवाई अड्डों पर घातक हमलों की खबरें भी आ चुकी हैं। इसी माहौल में खमीस मुशैत में रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी जारी की गई थी।
सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने शुरुआत में खमीस मुशैत गवर्नरेट के निवासियों से सतर्क रहने को कहा। बाद में विभाग ने राहत की सूचना देते हुए बताया कि वहां से खतरा टल गया है, लेकिन लोगों को नागरिक सुरक्षा के निर्देश मानने, भीड़ लगाने और खतरे की जगहों की वीडियो या फोटो खींचने से बचने की सलाह दी गई। आपात स्थिति में 998 पर कॉल करने को कहा गया।
रियाद एयरपोर्ट पर भी हमले का दावा
इससे पहले हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सारी ने टेलीग्राम पर बयान जारी कर दावा किया था कि उनकी सेना ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि खमीस मुशैत एयरबेस पर ड्रोन से हमला किया गया। सारी ने विदेशी एयरलाइनों और यात्रियों को सऊदी हवाई अड्डों पर उड़ानें चलाने से आगाह किया और कहा कि मक्का और मदीना के हवाई अड्डों व हवाई क्षेत्र को इससे बाहर रखा गया है। स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
इन हमलों की तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने कड़ी निंदा की। अंकारा में कैबिनेट बैठक के बाद उन्होंने रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमले को गलत बताया और सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने भी इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी है और सऊदी अरब को निशाना बनाना यूएई समेत पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को कमजोर करता है। उन्होंने संयुक्त खाड़ी कार्रवाई को फ