सऊदी गठबंधन ने हूती विद्रोहियों के मिसाइल लॉन्चर तबाह किए और कई मिसाइलों व ड्रोन को हवा में ही मार गिराया

रियाद: सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती विद्रोहियों की सैन्य क्षमता को खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। 17 अक्टूबर 2026 को गठबंधन ने बताया कि उन्होंने रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह के ऑपरेशन चलाए, जिसमें हूती मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया गया और कई मिसाइलों व ड्रोन को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया।
गठबंधन के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की कि सऊदी तेल केंद्र यनबू की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक रोक लिया गया। इसके अलावा लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलों और सऊदी अरब के दक्षिणी व रियाद क्षेत्रों में तीन ड्रोन को नष्ट किया गया।
रक्षात्मक कार्रवाई के साथ-साथ गठबंधन ने यमन के सादा प्रांत में स्थित दो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को भी पूरी तरह तबाह कर दिया। गठबंधन ने 16 अक्टूबर के हवाई फुटेज भी जारी किए हैं, जिसमें लाल सागर के तट पर होदेइदा में हथियारों की तस्करी के ऑपरेशनों पर हमले दिखाए गए हैं। इन हमलों में ट्रकों, छोटी नावों और स्टोरेज सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
गठबंधन ने कहा कि उनके सभी ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के मुताबिक किए जा रहे हैं ताकि आम नागरिकों पर असर कम से कम हो।
इधर क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और अदन हवाई अड्डे पर भी हमला हुआ है। वहां यिमेनिया एयरवेज की एक फ्लाइट उड़ान भरने की तैयारी में थी, तभी दो मिसाइलें वहां गिरीं। सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार इस लड़ाई में तालमेल बिठाकर काम कर रही हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात का सैन्य समर्थन भी शामिल है।
हूती मिलिशिया की इन हरकतों की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा की जा रही है। क्षेत्रीय खुफिया एजेंसियों का दावा है कि ईरान हूतियों को ट्रेनिंग और रणनीतिक मार्गदर्शन दे रहा है, हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकायी ने सीधे तौर पर किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।