यमन: हूती ठिकानों पर हमले तेज़, तइज़ में सऊदी हवाई बमबारी

तइज़, यमन: यमन के तइज़ प्रांत में 12 अक्टूबर 2026 को सैन्य कार्रवाई और तेज़ हो गई। अल-अक़रूध इलाक़े में हूती ठिकानों पर लड़ाकू विमानों से भारी हवाई हमले किए गए। सूत्रों के मुताबिक़ इन हमलों का निशाना हूती विद्रोहियों के अहम ढांचे और जमावड़े की जगहें थीं। यह ख़बर एक सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए सामने आई, जिसे कुछ क्षेत्रीय सैन्य स्रोतों ने भी पुष्टि की।
यमन की सरकार से जुड़ी तइज़ मिलिट्री एक्सिस के मुताबिक़ कार्रवाई कई रणनीतिक इलाक़ों पर केंद्रित रही। इनमें अल-अर्सुम, अल-मरज़ीक़ान, सिक्सटीथ स्ट्रीट, माउंट अल-मुनाम, अल-ख़लवा पहाड़ी और सेंट्रल सिक्योरिटी कैंप शामिल बताए गए। एक यमनी सैन्य अधिकारी ने शिन्हुआ से बातचीत में कहा कि इन लड़ाइयों के दौरान सऊदी लड़ाकू विमानों ने भारी हवाई मदद दी। यह कार्रवाई उस कोशिश के बाद आई है, जिसमें यमनी सेना और जनता के प्रतिरोधी दल अल-अक़रूध की कुछ रणनीतिक पहाड़ियों पर फिर से नियंत्रण पाने में लगे हैं।
हूती दावे और राजधानी सना पर हमले
दूसरी तरफ़ हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सरीआ ने दावा किया है कि 12 अक्टूबर से पहले के 24 घंटों में सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के कई प्रांतों में 124 हवाई हमले किए। उन्होंने तइज़, सना, मारिब, अल-जौफ़, हज्जा, हुदैदा और सादा का नाम लिया। हूती पक्ष के मुताबिक़ राजधानी सना के दो ज़िलों पर आधी रात के बाद सऊदी गठबंधन के हमले हुए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है, इसलिए इन्हें हूती पक्ष का बयान ही माना जाना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत उस हमले से जुड़ी बताई जा रही है, जो 10 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग ख़ालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ। स्रोत के अनुसार इस हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोग घायल हुए। इसी के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने निर्णायक सैन्य अभियान का ऐलान किया है और यमन की सरकारी सेनाओं को लगातार हवाई समर्थन देने की बात कही है।
यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी सेनाओं के बीच संघर्ष लंबे समय से चल रहा है, और तइज़ उसके सबसे संवेदनशील मोर्चों में से एक रहा है। अब सवाल यह है कि रियाद एयरपोर्ट हमले के बाद क्या यह टकराव और फैलेगा, या किसी स्तर पर बातचीत की गुंजाइश बनेगी। फ़िलहाल ज़मीन पर हालात तेज़ी से बदल रहे हैं और दोनों पक्षों के दावों के