तइज़ के दक्षिण में हूती ठिकानों पर सऊदी गठबंधन के हवाई हमले, अल-जौफ में सरकारी बलों की बड़ी बढ़त
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने तइज़ के दक्षिण में हूती ठिकानों को निशाना बनाया और अल-जौफ में सरकारी बलों ने रणनीतिक पहाड़ियों पर कब्जा किया।

तइज़ (यमन): सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के सैन्य विमानों ने तइज़ के दक्षिण में स्थित हूती ठिकानों और उनके जमावड़े पर लक्षित हवाई हमले किए हैं। 4 नवंबर, 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, ये हमले यमन में सरकार समर्थित बलों और सऊदी गठबंधन द्वारा चलाए जा रहे सैन्य अभियानों का हिस्सा हैं।
इसी दौरान अल-जौफ गवर्नरेट में भी बड़ी सैन्य हलचल देखी गई। यहाँ 3 नवंबर, 2026 को सरकार समर्थित बलों की फर्स्ट इमरजेंसी ब्रिगेड ने अल-दहीदा पर्वत श्रृंखला में अपनी स्थिति सफलतापूर्वक बहाल कर ली है।
"डॉन ऑफ यमन" ऑपरेशन के तहत सरकारी सेना ने पहले सुरक्षित की गई जबल हुवैशियन से आगे बढ़ते हुए प्रांतीय राजधानी अल-हज़म के दक्षिण-पूर्व में स्थित अल-दहीदा की ऊंचाइयों पर कब्जा किया। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान हूती किलाबंदी से भारी मात्रा में हथियार और सैन्य उपकरण जब्त किए गए हैं।
इन जमीनी हमलों के दौरान सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हवाई जहाजों और ड्रोन्स के जरिए व्यापक सहायता प्रदान की। अल-जौफ के फील्ड कमांडर कर्नल रबी अल-कुरशी ने पुष्टि की कि जिस पर्वत श्रृंखला पर कब्जा किया गया है, वह हूतियों के नियंत्रण वाली राजधानी के लिए एक मुख्य रक्षा पंक्ति के रूप में काम करती थी।
सैन्य और रणनीतिक मामलों के शोधकर्ता अली अल-दहब के मुताबिक, इन ऊंचाइयों पर नियंत्रण मिलने से सरकारी बलों को महत्वपूर्ण सामरिक बढ़त मिली है। इससे अब अल-हज़म की ओर जाने वाली हूती आपूर्ति लाइनों और उनकी गतिविधियों की निगरानी करना आसान हो जाएगा।