सऊदी गठबंधन का बड़ा एक्शन: यमन में हूती ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले

यमन में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक "व्यापक अभियान" छेड़ते हुए उनके सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई में हूतियों के दर्जनों ठिकानों को जमींदोज कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति और गंभीर हो गई है।
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर-जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की है कि इस ऑपरेशन के दौरान कुल 82 लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इनमें सादा प्रांत में स्थित 11 पर्वतीय बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज साइट्स शामिल थीं। इसके अलावा, सादा, होदैदा, अल-जौफ और मारिब में स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, संचार प्रणालियों, हथियारों के डिपो और भीड़भाड़ वाले सैन्य ठिकानों को भी तबाह कर दिया गया।
'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत बड़ी कार्रवाई
यह पूरा हमला राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशाद अल-अलीमी द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' का हिस्सा है। इस बड़े अभियान में अब तक 100 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया है, जिसका उद्देश्य हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों को मुक्त कराना है। गठबंधन का दावा है कि इस offensive की शुरुआत के बाद से अब तक 324 उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों को नष्ट किया जा चुका है।
दूसरी ओर, हूतियों ने भी इस हमले का कड़ा जवाब दिया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारे ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अभा एयरपोर्ट, खामिस मुशायत एयर बेस और नजरान व असिर के सैन्य ठिकाने शामिल थे।
सऊदी हवाई अड्डों पर हुए इन हमलों में तीन विदेशी नागरिकों (एक मिस्र, एक अल्जीरिया और एक सूडान के निवासी) की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। साथ ही, अदन एयरपोर्ट के पास एक सैन्य शिविर पर भी मिसाइल हमला हुआ, हालांकि वहां कोई हताहत नहीं हुआ।
इस भीषण संघर्ष का असर आम जनता पर बेहद बुरा पड़ रहा है। अब तक लगभग 1,000 लोगों की जान जा चुकी है और 2 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। युद्ध के कारण यमन में कुपोषण और हैजा जैसी बीमारियां और तेजी से फैल रही हैं। वर्तमान में गठबंधन बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के पास के इलाकों को वापस लेने के लिए बड़े पैमाने पर जमीनी और हवाई हमले कर रहा है।
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने हूतियों के इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक खतरनाक कदम और व्यवस्थित अपराध करार दिया है।