हूती हमलों के बाद सना में सऊदी गठबंधन के हमले, तेल ठिकाने निशाने पर

सना (यमन): सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को सना में हूती ठिकानों के खिलाफ 'गुणात्मक अभियान' शुरू किया। इससे पहले अल-सबाहा तेल कंपनी स्टेशन के आसपास रहने वाले नागरिकों को वहां से निकलने की सीधी चेतावनी दी गई थी।
गठबंधन के मुताबिक हमले सना के पश्चिमी हिस्से में हूती नियंत्रण वाली तेल सुविधाओं और हुदैदा के रास ईसा में ईंधन भंडारण स्थलों पर किए गए। यह कार्रवाई सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमलों में आई तेजी के जवाब में की गई।
गठबंधन ने बताया कि उसने रियाद के उत्तर में तीन ड्रोन और खमीस मुशैत के पास दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया। वहीं हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सारी ने इन हमलों का जवाब 'कठोर और दर्दनाक' तरीके से देने की धमकी दी।
सारी ने दम्माम में अरामको मुख्यालय, रियाद रिफाइनरी और किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को वैध सैन्य लक्ष्य बताया। उन्होंने इन ठिकानों का नाम सीधे लेकर कहा कि इन पर हमला किया जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक 5 अक्टूबर से शुरू हुए इस तनावपूर्ण दौर में हूती हमलों से सऊदी हवाई अड्डों पर 20 लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की बात सामने आई है। मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने की। इसमें कहा गया कि हूती समूह को देश के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर बार-बार किए गए हमलों के नतीजे भुगतने होंगे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी क्षेत्र की सुरक्षा पर केंद्रित हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूती व्यवहार को 'बुरा' बताया और कहा कि सीधी सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी नीति में बदलाव संभव है। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन और डेनमार्क के प्रतिनिधियों ने हूती हमलों की सार्वजनिक निंदा की और सऊदी अरब के साथ एकजुटता दोहराई।
सुरक्षा खतरों के बीच किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा फिलहाल बंद है। लुफ्थांसा और एयर फ्रांस-केएलएम ने अपनी उड़ानें रद्द करने की अवधि बढ़ा दी है। अमेरिकी विमानन प्राधिकरण एफएए ने अमेरिकी एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र में संचालन को लेकर सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है।