हूती मिसाइल हमलों के बाद सऊदी गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में सैन्य कार्रवाई की
हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमलों के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना में मिसाइल लॉन्चर और डिपो को तबाह कर दिया।

रियाद: सऊदी अरब पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए हमलों के बाद गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया।
घटना की शुरुआत 25 अक्टूबर को हुई जब हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सऊदी अरब ने इन मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया, लेकिन उनके मलबे खमीस मुशैत और अहद रफिदा शहरों में गिरे। सऊदी जनरल डायरेक्टरेट ऑफ सिविल डिफेंस के मुताबिक, इस हादसे में एक सऊदी नागरिक और एक एशियाई निवासी घायल हो गए। साथ ही तीन रिहायशी इमारतों और सात गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
इसके जवाब में 26 अक्टूबर की सुबह सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना में व्यापक सैन्य ऑपरेशन चलाया। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने पुष्टि की कि इस कार्रवाई में चार बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर, मिसाइल स्टोर करने वाली पांच सुरंगें और एक मिसाइल डिपो को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। गठबंधन ने कहा कि आत्मरक्षा के अधिकार के तहत हूती मिसाइल बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए ये हमले किए गए।
तनाव के बीच 26 अक्टूबर की सुबह हूती विद्रोहियों ने रियाद की तरफ एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे सऊदी हवाई रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। वहीं हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इन ऑपरेशनों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने ड्रोन के जरिए रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और तेल पंपिंग स्टेशनों को निशाना बनाया है। सारे ने रियाद एयरपोर्ट को सैन्य लक्ष्य बताते हुए वहां फिर से हमले की धमकी दी है।
इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर मस्जिद के धार्मिक मामलों के अध्यक्ष शेख अब्दुलरहमन अल-सुदाइस ने कहा कि यह इस्लामी कानून और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और यह एक लाल रेखा है।