सऊदी हमलों में यमन के तेल ठिकाने निशाने पर, हूती ने रियाद को धमकी दी

सना (यमन): 13 अक्टूबर 2026 को सऊदी गठबंधन के हवाई हमलों में सना और हुदैदा में तेल ढांचे को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद यमन में संघर्ष और तेज़ होने की आशंका है।
अल जज़ीरा के संवाददाता यूसुफ़ मावरी के मुताबिक़ रास ईसा बंदरगाह पर तेल भंडारण टैंकों और हुदैदा प्रांत के एक तेल स्टेशन पर हमले हुए। हूती संचालित अल-मसीरा टीवी ने सना के पश्चिम में अल-सबाहा के तेल ठिकानों को नुकसान की पुष्टि की। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन कार्रवाइयों में दो लोगों की मौत की जानकारी दी।
हूती सूत्रों के अनुसार गठबंधन सेनाओं ने 24 घंटे के भीतर सात प्रांतों में 119 हवाई हमले किए। इनमें अल-जौफ़, तइज़, सादा, मारिब, लहज, अल-बयदा और इब्ब शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि अल-जौफ़ में दो घरों पर हुए हमले में नौ लोगों की मौत हुई और सात घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी थे।
इसके जवाब में हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने चेतावनी दी। उन्होंने सऊदी हवाई अड्डों और सऊदी अरामको रिफाइनरियों को “वैध लक्ष्य” बताया। सरी ने कहा कि सना के खिलाफ गठबंधन की कार्रवाई जारी रही तो रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रियाद की एक अरामको रिफाइनरी और दम्मम के एक ठिकाने पर जवाबी हमले किए जाएंगे। हूती ने नागरिकों, यात्रियों और कर्मचारियों से इन जगहों को खाली करने की अपील भी की है।
हूती मीडिया के मुताबिक़ पिछली रात किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला किया गया। समूह ने एक सऊदी विंग लूंग II ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया है। सऊदी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 9 और 10 अक्टूबर के हूती हमलों में 12 से 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। 11 अक्टूबर को हूती ने सऊदी हवाई अड्डे और ऊर्जा ढांचे पर चार अलग-अलग अभियानों के दावे किए।
उधर तइज़ के आसपास ज़मीनी लड़ाई भी तेज़ हुई है। हूती बलों ने सबर पर्वत की तलहटी में अल-मसरह ज़िले पर कब्ज़ा किया है, जिससे लहज और अदन की ओर जाने वाले आपूर्ति मार्गों पर दबाव बढ़ सकता है। यमन की सरकारी सेनाएं सबर अल-मवादिम और वादी अल-ढबाब ज़िलों में जवाबी अभियान चला रही हैं। एक यमनी सैन्य अधिकारी ने बताया कि इस इलाके में भारी झड़पों में हूती पक्ष के दर्जनों लोग हताहत हुए हैं।
इन हालात के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से सतर्क रहने और यात्रा की योजनाओं पर दोबारा विचार करने की सलाह जारी की है।