सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन का यमन में हूती को हरा सरकार बहाली का संकल्प

यमन में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक और सैन्य घटनाक्रम सामने आया है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने देश में वैध सरकार को बहाल करने और हूती विद्रोहियों के प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का कड़ा संकल्प लिया है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर-जनरल तुर्की अल-मलिकी ने स्पष्ट किया है कि यमनी सरकारी बलों को हरसंभव सैन्य और रणनीतिक सहायता दी जाएगी ताकि विद्रोही ताकतों के तख्तापलट को नाकाम किया जा सके। लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं, जिसके मद्देनजर यह ताजा रुख सामने आया है।
सैन्य अभियानों और कूटनीतिक प्रयासों में तेजी
युद्धविराम टूटने के बाद क्षेत्र में फिर से भड़की हिंसक झड़पों के बीच यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने हूती कब्जे वाले क्षेत्रों को वापस पाने के वास्ते बड़े सैन्य अभियानों के आगाज की घोषणा की है। जानकारों का मानना है कि हूतियों की बढ़ती ताकत और सामरिक बढ़त ने सरकार को अपनी रणनीति बदलने के लिए मजबूर किया है। उधर, यमन के विदेशमंत्री अफराह अल-जोबा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हूती मिलिशिया के खिलाफ आगे आने और सरकार का पुरजोर समर्थन करने की अपील की है।