फारस की खाड़ी में कतर के एलएनजी टैंकर पर हमला, सऊदी अरब ने की कड़ी निंदा
सऊदी अरब ने कतर के एलएनजी टैंकर अल मयदा पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। जानें क्या है पूरा मामला और क्या कहा कतर ने।

रियाद: सऊदी अरब ने कतर गैस ट्रांसपोर्ट कंपनी (नाकिलात) द्वारा संचालित लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर 'अल मयदा' को निशाना बनाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। यह घटना शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 की शाम को हुई जब जहाज फारस की खाड़ी से गुजर रहा था।
कतर गैस ट्रांसपोर्ट कंपनी के आधिकारिक बयानों के मुताबिक, इस हमले में चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ है। जहाज सुरक्षित स्थिति में है, उसका परिचालन नियंत्रण बना हुआ है और पर्यावरण पर भी कोई असर नहीं पड़ा है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला यह टैंकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य की ओर जा रहा था, तभी अज्ञात वस्तुओं से उस पर हमला किया गया। फिलहाल कतर में हमले की परिस्थितियों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए आधिकारिक जांच चल रही है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने अपनी औपचारिक प्रतिक्रिया में इस कृत्य को समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा बताते हुए इसकी सबसे कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब ने अपने बेड़े और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा के लिए कतर द्वारा उठाए गए कदमों के प्रति पूर्ण एकजुटता जताई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को एक खतरनाक कृत्य करार दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोहा को अपनी संपत्ति, जहाजों और कर्मियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार है।
यह घटना फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के भीतर वाणिज्यिक शिपिंग मार्गों को वर्तमान में सामना कर रहे सुरक्षा जोखिमों को उजागर करती है।