मिस्र में सीमा गार्डों पर सशस्त्र हमला, सऊदी अरब ने की कड़ी निंदा
दक्षिणी मिस्र में सीमा गार्डों पर हुए सशस्त्र हमले की सऊदी अरब ने कड़ी निंदा की है। इस हमले में दो वरिष्ठ अधिकारी मारे गए हैं।

रियाद: सऊदी अरब ने दक्षिणी मिस्र में सीमा गार्ड बलों पर हुए सशस्त्र हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। 6 नवंबर 2026 को जारी एक औपचारिक बयान में सऊदी अरब ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
सऊदी अरब ने इस मुश्किल घड़ी में काहिरा के साथ अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की है। उसने राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिस्र के प्रयासों को अपना पूरा समर्थन दिया है। साथ ही, सऊदी अरब ने पीड़ित परिवारों, मिस्र सरकार और वहां के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
यह हमला तब हुआ जब सशस्त्र तत्वों के साथ गोलीबारी का दौर चला। इस हिंसक झड़प में दो वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई। मारे गए अधिकारियों में दक्षिणी सीमा गार्ड के चीफ ऑफ स्टाफ कर्नल अहमद समीर और एक सीमा गार्ड बटालियन के चीफ ऑफ ऑपरेशंस लेफ्टिनेंट कर्नल अहमद गौडा शामिल हैं।
यह घटना मिस्र के सशस्त्र बलों द्वारा चलाए जा रहे एक व्यापक सैन्य और सुरक्षा अभियान के दौरान हुई, जिसे 'शील्ड ऑफ द साउथ' नाम दिया गया है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य रेगिस्तानी इलाकों को सुरक्षित करना और अवैध रूप से सोना खोजने वाली गतिविधियों को रोकना है।
अभियान के जरिए राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करने और हथियारों व ड्रग्स की तस्करी में शामिल आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। मिस्र की सेना ने बताया कि इन ऑपरेशनों के बाद सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मिस्र और विदेशी नागरिक दोनों शामिल हैं।
सुरक्षा बलों ने इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं।