सऊदी अरब हूती हमलों की निंदा, UN में आत्मरक्षा का अधिकार दोहराया

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यमन पर हुई बैठक में सऊदी अरब ने हूती मिलिशिया के लगातार हमलों पर सख़्त रुख अपनाया। शुक्रवार को हुई इस चर्चा में सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलअज़ीज़ अलवासिल ने कहा कि हूती हमले आम नागरिकों, नागरिक ठिकानों और देश के अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इन्हें आतंकवादी कार्रवाई बताते हुए साफ़ किया कि सऊदी अरब को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने इलाके, संपत्ति, संप्रभुता और नागरिकों तथा रहवासियों की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।
अलवासिल ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाज़ों की आवाजाही को खतरे में डालने की हूती कोशिशों की ओर भी ध्यान दिलाया। उनके मुताबिक़ इससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते जोखिमों को देखते हुए सभी पक्षों को सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदारी दिखाने की ज़रूरत है। बैठक के लिए उन्होंने सुरक्षा परिषद के सदस्यों और अध्यक्षता कर रहे देश का आभार जताया, साथ ही यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हांस ग्रुंडबर्ग, मानवीय मामलों के सहायक महासचिव मोहम्मद यहया और सेव द चिल्ड्रन इंटरनेशनल की सीईओ इंगर एशिंग की ब्रीफिंग की सराहना की।
यमन के भीतर के हालात पर भी उठे सवाल
यमन की अंदरू