सऊदी अरब का नया नियम, व्हाइट लैंड और खाली जमीनों की बिक्री से पहले देना होगा टैक्स का पूरा हिसाब.

सऊदी अरब की मंत्रिपरिषद यानी Saudi Council of Ministers ने जमीन के कारोबार को लेकर एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है। इस नए निर्देश के तहत अब किसी भी ऐसी जमीन या खाली प्लॉट का मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, जिस पर White Land Tax Law लागू होता है। जब तक जमीन के मालिक ने पिछले सभी बकाया टैक्स और फीस का भुगतान नहीं कर दिया है, तब तक कोई भी कागजी कार्रवाई या रजिस्ट्री पूरी नहीं की जाएगी। सरकार का यह कदम देश के रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने और नियमों को और मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
नियम और जरूरी शर्तें
इस नई व्यवस्था के तहत 25 अगस्त 2026 और 26 अगस्त 2026 को कैबिनेट बैठक में मुहर लगाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता खुद किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद King Salman bin Abdulaziz Al Saud ने की थी। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर कोई ऐसा रियल एस्टेट सौदा होता है जिसमें जमीन का मालिकाना हक नहीं बदलता है, तब भी कागजी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे सरकार का टैक्स वसूलने का अधिकार सुरक्षित रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इससे जमीन के विकास पर कोई बुरा असर न पड़े। यह कानून उन जमीनों पर लागू होता है जो साल में छह महीने या उससे ज्यादा समय तक खाली पड़ी रहती हैं। यदि किसी जमीन के एक से ज्यादा मालिक हैं, तो हर मालिक को उसके हिस्से के हिसाब से फीस चुकानी होगी। खाली जमीन की फीस का चालान या बिल मिलने के बाद मालिकों को भुगतान के लिए 6 महीने का समय मिलता है।
अधिकारियों का क्या कहना है
मंजूरी मिलने के बाद म्युनिसिपल और रूरल अफेयर्स एंड हाउसिंग मिनिस्टर माजिद बिन अब्दुल्ला अल-होगाइल Majid bin Abdullah Al-Hogail ने बताया कि कैबिनेट का यह फैसला सरकारी खजाने को सुरक्षित रखने और रियल एस्टेट बाजार को बेहतर बनाने की दिशा में एक बहुत जरूरी कदम है। उन्होंने कहा कि इस नियम से सरकार के हितों की रक्षा होगी और साथ ही जमीन मालिकों को अपने खाली प्लॉट विकसित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इससे शहरों में मकानों की सप्लाई बढ़ेगी और साल 2030 के विजन के लक्ष्यों को पूरा करने में आसानी होगी ताकि आम लोगों को आसानी से घर मिल सके।
टैक्स से जुड़ी अहम जानकारियां
- अविकसित जमीनों पर सालाना टैक्स जमीन की कीमत का 2.5% से 10% तक तय किया गया है।
- सबसे ज्यादा प्राथमिकता वाले इलाकों के लिए टैक्स दर 10%, हाई प्रायोरिटी के लिए 7.5%, मध्यम के लिए 5% और कम प्राथमिकता वाले इलाकों के लिए 2.5% रखी गई है।
- यह नियम उन जमीनों पर लागू होता है जिनका कुल क्षेत्रफल 5,000 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा है।
- रियाद में व्हाइट लैंड फीस का पहला बिल 1 जनवरी 2026 से जारी होना शुरू हो चुका है।