सऊदी क्राउन प्रिंस का बड़ा बयान, कहा यमन के लोगों की फिक्र नहीं होती तो एक हफ्ते में खत्म कर देते युद्ध

सऊदी अरब के Crown Prince Muhammad Bin Salman ने यमन के संघर्ष को लेकर एक बहुत ही अहम और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि सऊदी सेना जो संयम बरत रही है, उसकी सबसे बड़ी वजह वहां के आम नागरिकों की सुरक्षा और उनकी भलाई है। 20 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्राउन प्रिंस ने कहा कि अगर उन्हें यमन के मासूम लोगों की जान की परवाह नहीं होती, तो सऊदी सेना यमन पर मात्र एक हफ्ते में पूरा कब्जा कर लेती और हूती विद्रोहियों का नामोनिशान मिटा देती। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव का माहौल लगातार बढ़ता जा रहा है और हर दिन नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं।
राजधानी रियाद पर हमले की कोशिश और जवाबी कार्रवाई
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी Riyadh को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की कोशिश की। हालांकि, सऊदी रक्षा बलों ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया और मिसाइलों को सफलतापूर्वक बीच रास्ते में ही नष्ट कर दिया। ईरान समर्थित इन हूती विद्रोहियों का दावा था कि वे देश के बेहद संवेदनशील और जरूरी ठिकानों पर हमला करना चाहते थे। इसके जवाब में सैन्य गतिविधियों में भी भारी तेजी देखने को मिली है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को खत्म हुए चौबीस घंटे के छोटे से दौर में सऊदी अरब ने यमन के अंदर कुल 54 airstrikes यानी हवाई हमले किए। इसके जवाब में हूती गुट ने 19 सितंबर 2026 को यह दावा किया कि इन हमलों के पीछे सऊदी के F-15 fighter jets का हाथ था और उन्होंने इस बात का बदला लेने की बात कही।
अंतर्राष्ट्रीय दखल और अमेरिका की भूमिका
इस पूरे संघर्ष में अंतरराष्ट्रीय देशों की सक्रियता भी बहुत ज्यादा बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump से बातचीत की है और उनसे हूती विद्रोहियों के खिलाफ सख्त सैन्य कदम उठाने की अपील की है। वर्तमान में अमेरिकी प्रशासन इन संभावित हमलों के विकल्पों पर लगातार विचार कर रहा है और सऊदी अरब को खुफिया जानकारी तथा टारगेट सेट करने में मदद भी मुहैया करा रहा है। इसी बीच, मध्य पूर्व में अमेरिकी राजनयिकों ने वहां रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा को लेकर कड़ी चेतावनी जारी कर दी है। इसके अलावा, ब्रिटेन के एक एयर बेस से अमेरिकी बॉम्बर विमान के पश्चिमी एशिया की तरफ उड़ान भरने और सीरिया के अल-हस्काह इलाके के आसपास एयर डिफेंस सिस्टम की हलचल भी दर्ज की गई है। इस पूरे घटनाक्रम से वहां रह रहे प्रवासियों और आम नागरिकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजगार या यात्रा के सिलसिले में इन इलाकों से जुड़े रहते हैं।