सुरक्षा खतरों पर सऊदी क्राउन प्रिंस का कड़ा रुख, कहा- देंगे मुंहतोड़ जवाब

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने रियाद में शौरा काउंसिल के 9वें सत्र को संबोधित करते हुए देश की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त संदेश दिया है। राजा सलमान की ओर से वार्षिक शाही संबोधन देते हुए, क्राउन प्रिंस ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब की सुरक्षा और अखंडता को चुनौती देने वाले किसी भी खतरे या हमले का निर्णायक तरीके से जवाब दिया जाएगा।
सैन्य क्षमता और सुरक्षा का संकल्प
अपने संबोधन के दौरान, मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी अरब की बढ़ती सैन्य और मानवीय क्षमताओं पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि किंगडम किसी भी स्रोत से आने वाले खतरों का सामना करने और उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह से सक्षम और तैयार है।
क्राउन प्रिंस ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों की सुरक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि:
- क्षेत्र की स्थिरता को अटूट माना जाना चाहिए।
- सामूहिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ सहयोग जारी रहेगा।
- आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना किंग सलमान के विजन का हिस्सा है।
मक्का डिफेंस पैक्ट और समुद्री सुरक्षा
क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए क्राउन प्रिंस ने महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने "मक्का डिफेंस पैक्ट" के गठन की जानकारी दी, जिसमें सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान शामिल हैं। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा के लिए मल्टीनेशनल मैरीटाइम डिफेंस एलायंस की स्थापना की सराहना की गई। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि समुद्री मार्गों का उपयोग राजनीतिक या आर्थिक दबाव बनाने के लिए हथियार के रूप में न किया जा सके।
वैश्विक ऊर्जा और मानवीय सहायता पर जोर
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर बात करते हुए, क्राउन प्रिंस ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों को तेल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करके वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने में सऊदी अरब की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया। उन्होंने मौजूदा ऊर्जा संकट के बीच किंगडम की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।
अंत में, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे मानवीय सहायता और आवश्यक वस्तुओं के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने क्षेत्रीय तनावों को कम करने और शांति स्थापित करने के प्रति सऊदी अरब की प्रतिबद्धता पर भी बल दिया।