सऊदी क्राउन प्रिंस का बड़ा ऐलान: यमन सरकार को दिया पूर्ण समर्थन

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने यमन की वैध सरकार के प्रति अटूट समर्थन की घोषणा की है। शुरा काउंसिल के नौवें सत्र में दिए गए अपने वार्षिक शाही संबोधन के दौरान, उन्होंने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब यमन में स्थिरता बहाल करने और हूती मिलिशिया के खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हूती आतंकियों के खिलाफ कड़ा रुख
क्राउन प्रिंस ने हूती मिलिशिया को 'आतंकवादी संस्थाओं' के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, 'यमन में वैधता का समर्थन करने वाले गठबंधन' के माध्यम से, यमन सरकार को पूरे देश में अपना अधिकार स्थापित करने और राष्ट्रीय स्थिरता लाने में हर संभव मदद प्रदान करेगा।
युद्ध क्षेत्र में बढ़ता तनाव
यह बयान ऐसे समय में आया है जब यमन में सैन्य संघर्ष तेज हो गया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, यमन की सेना ने विभिन्न मोर्चों पर हूती लक्ष्यों पर सैकड़ों हमले किए हैं। युद्ध की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ दिनों में हूती लड़ाकों के भारी संख्या में हताहत होने की खबरें आई हैं।
ताइज़ और लाहज प्रांतों में हिंसक झड़पें देखी गई हैं, जहाँ मिसाइल हमलों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा, सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा को भी लगातार खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए रक्षा प्रणालियों को सक्रिय रहना पड़ा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयास
क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच सहयोग भी बढ़ रहा है। हाल ही में रियाद में क्राउन प्रिंस और यूएई के उपराष्ट्रपति मंसूर बिन जायद के बीच हुई बैठक में हूती उपस्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की गई थी।
दूसरी ओर, यमन के भीतर राजनीतिक विभाजन बना हुआ है। जहाँ राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने हूती राजनीतिक परियोजना के खिलाफ राष्ट्रीय लामबंदी का आह्वान किया है, वहीं सना में हूती-नेतृत्व वाली शुरा काउंसिल ने सऊदी हस्तक्षेप की आलोचना की है। इस बीच, ईरान ने भी अपनी सुरक्षा हितों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है।