सऊदी अरब ने हूती मांगों वाली डब्ल्यूएसजे रिपोर्ट को सिरे से नकारा
सऊदी अरब ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को निराधार बताते हुए खारिज किया है। साथ ही हूती मिसाइल को मार गिराने का दावा किया।

रियाद: सऊदी अरब ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) द्वारा प्रकाशित उस रिपोर्ट का कड़ा खंडन किया है, जिसमें हूती मिलिशिया की कथित मांगों का जिक्र किया गया था। सऊदी अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद करार दिया है।
सऊदी विदेश मंत्रालय के पब्लिक डिप्लोमेसी अंडरसेक्रेटरी डॉ. राएद करमाली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि ये आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और ऐसा लगता है कि यह लेख लिखने वालों या उनके कथित सूत्रों की कल्पना का परिणाम है।
डॉ. करमाली ने इस बात को दोहराया कि हूती मिलिशिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की वैध सरकार के खिलाफ तख्तापलट के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने मिलिशिया पर यमन के लोगों को भुखमरी की कगार पर धकेलने, अंतरराष्ट्रीय समुद्री नेविगेशन को खतरे में डालने और शांति प्रयासों को लगातार खारिज करने का आरोप लगाया।
क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है। 5 नवंबर, 2026 को ही सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मदीना क्षेत्र की ओर दागी गई हूती मिलिशिया की एक बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट करने की जानकारी दी।
दूसरी ओर, हूती मिलिशिया ने दममाम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का दावा किया है।