ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने बचाई सऊदी अरब की तेल आपूर्ति, गवर्नर ने बताया महत्व

Nura Basta9 October 20262 min read0 viewsSaudi
ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने बचाई सऊदी अरब की तेल आपूर्ति, गवर्नर ने बताया महत्व

सऊदी अरब ने वैश्विक बाजार में अपनी तेल आपूर्ति को बनाए रखने के लिए अपने मजबूत बुनियादी ढांचे का सहारा लिया है। सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) के गवर्नर आयमान अल-सयारी ने खुलासा किया है कि लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाव और व्यवधानों के बावजूद, देश की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक तेल पहुंचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।

इस्तांबुल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए अल-सयारी ने बताया कि लगभग 1,200 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन, जिसे 'पेट्रोलाइन' के नाम से भी जाना जाता है, पूर्वी तेल क्षेत्रों को लाल सागर के यनबू पोर्ट से जोड़ती है। यह पाइपलाइन रणनीतिक रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य का एक वैकल्पिक रास्ता प्रदान करती है, जिससे संकट के समय भी तेल का निर्यात नहीं रुकता।

पाइपलाइन की क्षमता और रणनीतिक तैयारी

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गवर्नर के अनुसार, यह पाइपलाइन वर्तमान में अपनी पूरी क्षमता के करीब काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इसकी डिजाइन क्षमता लगभग 58 लाख बैरल प्रतिदिन है और वर्तमान में यह 58 लाख से 60 लाख बैरल प्रतिदिन के बीच तेल ले जा रही है। इसके अलावा, सऊदी अरब ने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर एक अतिरिक्त परिवहन मार्ग भी तैयार किया है, जिससे प्रतिदिन 10 लाख से 20 लाख बैरल की अतिरिक्त क्षमता मिल रही है।

हालांकि, अल-सयारी ने यह भी स्वीकार किया कि तमाम कोशिशों के बावजूद, सऊदी अरब की कुल तेल आपूर्ति का स्तर अभी भी संघर्ष-पूर्व स्तर से नीचे है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब अपने मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक निवेश और विजन 2030 के तहत किए जा रहे विविधीकरण प्रयासों के कारण आर्थिक रूप से लचीला बना हुआ है।

अंत में, उन्होंने चेतावनी दी कि हालांकि सऊदी अरब ने अपनी मजबूती साबित की है, लेकिन यदि क्षेत्रीय संघर्ष लंबे समय तक खिंचता है, तो इसका असर वैश्विक मुद्रास्फीति (inflation) पर पड़ सकता है और दुनिया भर की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

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