सऊदी अरब में एग्जिट री-एंट्री वीजा रद्द होने पर वापस नहीं मिलेगी फीस, जवाजत ने किया साफ
सऊदी जवाजत ने साफ किया है कि वीजा रद्द होने पर फीस वापस नहीं मिलेगी, चाहे फ्लाइट कैंसिल ही क्यों न हो गई हो।

रियाद: सऊदी अरब के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ पासपोर्ट्स (जवाजत) ने स्पष्ट किया है कि एग्जिट और री-एंट्री वीजा के लिए चुकाई गई फीस किसी भी हाल में वापस नहीं की जाएगी। यह नियम तब भी लागू रहेगा जब वीजा रद्द करने की वजह एयरलाइन की फ्लाइट का रद्द होना या यात्रा में कोई बाधा आना हो।
जवाजत ने 21 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक सार्वजनिक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि यह पॉलिसी मार्च 2022 से लागू है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह नियम उन सभी प्रवासियों पर लागू होता है जिन्होंने अबशेर प्लेटफॉर्म या मुकीम पोर्टल के जरिए वीजा लिया है। अबशेर का इस्तेमाल आमतौर पर निवासी और स्पॉन्सर करते हैं, जबकि मुकीम पोर्टल का उपयोग नियोक्ताओं द्वारा किया जाता है।
फीस के मौजूदा ढांचे के मुताबिक, दो महीने तक के सिंगल एग्जिट/री-एंट्री वीजा की कीमत 200 रियाल है, जिसके बाद हर अतिरिक्त महीने के लिए 100 रियाल देने होते हैं। यह इकामा की वैधता पर निर्भर करता है। मल्टीपल एग्जिट/री-एंट्री वीजा के लिए तीन महीने तक की फीस 500 रियाल है और उसके बाद हर महीने के लिए 200 रियाल अतिरिक्त लगते हैं।
यदि कोई व्यक्ति सऊदी अरब से बाहर है और अपने वीजा की अवधि बढ़ाता है, तो फीस दोगुनी हो जाती है। ऐसी स्थिति में सिंगल वीजा के लिए 200 रियाल और मल्टीपल वीजा के लिए 400 रियाल प्रति माह देना होता है।
वीजा रद्द करने की प्रक्रिया अबशेर पोर्टल पर 'सर्विसेज फॉर स्पॉन्सर्स' टैब के जरिए पूरी की जा सकती है, लेकिन इससे शुरुआती आवेदन के लिए भुगतान की गई राशि वापस नहीं मिलती है।