Saudi UNGA Speech: सऊदी अरब ने फलस्तीन मुद्दे पर दिया सख्त संदेश, यमन और समुद्री सुरक्षा पर कही बड़ी बात

सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan Al Saud ने न्यूयॉर्क में आयोजित 81st session of the United Nations General Assembly में दुनिया भर के नेताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर देते हुए सऊदी अरब का रुख साफ किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में उनके साथ सऊदी प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका में सऊदी राजदूत Princess Reema bint Bandar, विदेश मामलों के राज्य मंत्री Adel Al-Jubeir और अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय मामलों के उप मंत्री Dr. Abdulrahman Al-Rassi भी मौजूद रहे। इस पूरी जानकारी को आप Saudi Press Agency (SPA) पर देख सकते हैं।
फलस्तीन और टू-स्टेट सॉल्यूशन पर सख्त चेतावनी
दिनांक 25 सितंबर 2026 को सऊदी विदेश मंत्री ने टू-स्टेट सॉल्यूशन के रास्ते को खत्म होने से बचाने के लिए तुरंत अंतरराष्ट्रीय दखल की मांग की। उन्होंने Global Alliance for the Implementation of the Two-State Solution की मंत्री स्तरीय बैठक में बोलते हुए कहा कि गाजा में तुरंत युद्धविराम होना चाहिए। इस गठबंधन की शुरुआत सऊदी अरब ने नॉर्वे और यूरोपीय संघ के साथ मिलकर की थी। उन्होंने मानवीय सहायता को फिर से शुरू करने और बस्तियों के निर्माण, कब्जा करने तथा हिंसक गतिविधियों को रोकने की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि गाजा और वेस्ट बैंक एक ही भौगोलिक और राजनीतिक हिस्सा हैं। इस बारे में विस्तार से SPA की रिपोर्ट में बताया गया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और हूती खतरे पर बात
क्षेत्रीय सुरक्षा के बारे में बात करते ہوئے विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर मंडरा रहे हूती खतरे का जिक्र किया। उन्होंने साफ किया कि वैश्विक जलमार्गों की सुरक्षा करना किसी एक देश यानी अकेले सऊदी अरब की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यमन की एकता को सबसे जरूरी बताया। ये सारी बातें उन्होंने 22 सितंबर 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लेने के बाद कहीं। इस बैठक में जीसीसी, मिस्र, इराक, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया और तुर्की के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों ने मध्य पूर्व के हालातों पर चर्चा की थी, जिसकी जानकारी SPA पर दी गई है।
व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर
सुरक्षा के अलावा, विदेश मंत्री ने 25 सितंबर को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री Tarique Rahman के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की, जिसमें व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को लेकर बातचीत हुई। इसके अलावा, उन्होंने सतत विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सही इस्तेमाल पर सऊदी अरब के खास फोकस के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि देश में तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए सऊदी अरब ने साल 2026 को 'Year of Artificial Intelligence' के रूप में घोषित किया है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर नए इनोवेशन को आगे बढ़ाया जा सके।