सऊदी अरब: 50 हजार रियाल से ज्यादा के गोल्ड ट्रांजैक्शन पर अब पहचान सत्यापन अनिवार्य

Gautam Sahu6 October 20262 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब: 50 हजार रियाल से ज्यादा के गोल्ड ट्रांजैक्शन पर अब पहचान सत्यापन अनिवार्य

सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्रालय ने कीमती धातुओं और रत्नों के व्यापार में पारदर्शिता लाने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में यदि कोई व्यक्ति 50,000 सऊदी रियाल या उससे अधिक मूल्य का सोना या रत्न खरीदता है, तो उसकी पहचान का कड़ा सत्यापन (Identity Verification) करना अनिवार्य होगा।

मंत्रालय द्वारा फेडरेशन ऑफ सऊदी चैंबर्स को भेजे गए एक मेमो में स्पष्ट किया गया है कि यह नियम न केवल एक बड़ी खरीदारी पर लागू होगा, बल्कि यदि कई छोटे ट्रांजैक्शन मिलकर 50,000 रियाल की सीमा को पार करते हैं, तो भी व्यापारियों को ग्राहक की पूरी जांच करनी होगी। एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत, व्यापारियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने ग्राहकों की पहचान सत्यापित करें और उनका विस्तृत रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

दस्तावेजों की अनिवार्यता और व्यापारियों की जिम्मेदारी

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नियमों के अनुसार, सभी ज्वेलरी शॉप और कीमती पत्थरों के शोरूम्स को अपनी शाखाओं में जागरूकता नोटिस लगाने होंगे, ताकि ग्राहकों को जरूरी दस्तावेजों की जानकारी रहे। पहचान के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य होंगे:

  • सऊदी नागरिकों के लिए: वैध राष्ट्रीय पहचान पत्र (National ID)।
  • निवासियों (Expats) के लिए: वैध रेजिडेंसी परमिट (Iqama)।
  • गैर-निवासियों के लिए: वैध पासपोर्ट।

मंत्रालय ने साफ किया है कि केवल आईडी कार्ड दिखाना काफी नहीं होगा; व्यापारियों को उन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करनी होगी और पूरी ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया को पूरा करना होगा। इसके अलावा, यह नया नियम 'प्रेशियस मेटल्स एंड जेमस्टोन्स लॉ' के मौजूदा नियमों को खत्म नहीं करता है, जिसमें खरीदार और विक्रेता की जानकारी और उचित इनवॉइस देना पहले से ही जरूरी है।

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि किसी ट्रांजैक्शन में मनी लॉन्ड्रिंग या टेरर फंडिंग का संदेह होता है, तो राशि चाहे कितनी भी कम क्यों न हो, व्यापारी को कड़ी जांच करनी होगी और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत आधिकारिक तौर पर देनी होगी।

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